चंडीगढ़: पंजाब की सियासत में इस वक्त एक बहुत बड़ा और हैरान करने वाला भूचाल आ गया है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के हालिया बयानों ने राज्य के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। उनके इन चौंकाने वाले आरोपों के बाद पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता सुखपाल सिंह खैहरा (Sukhpal Singh Khaira) ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर सीधा और तीखा हमला बोला है। खैहरा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर राज्यसभा सीटें और पंजाब सरकार के मंत्रालय ‘बेचे’ नहीं गए हैं, तो अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को तुरंत मीडिया के सामने आकर पंजाब की जनता को जवाब देना चाहिए।
💬 “किसको कितना चढ़ावा गया, सब बताऊंगा”—हरभजन सिंह के दावों का हवाला देकर खैहरा ने घेरा, ट्वीट कर दागे गंभीर सवाल
कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक के बाद एक कई ट्वीट जारी कर आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया है। खैहरा ने कहा, “अब जबकि खुद पूर्व राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने यह चौंकाने वाला और गंभीर आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा सीटें और पंजाब में मंत्री पद तक बेचे गए हैं (जिसके बारे में पूरा पंजाब पहले से ही अंदरखाने जानता है), तो बात बहुत आगे बढ़ चुकी है।”
खैहरा ने हरभजन सिंह के उस बयान को भी रेखांकित किया जिसमें भज्जी ने कहा था, ‘मैं सार्वजनिक रूप से बताऊंगा कि किस नेता को कितना चढ़ावा (रिश्वत) गया था और यह पैसा किसकी तरफ से भेजा गया था; कैसे किसी को रातों-रात मंत्री और संतरी बनाया गया था।’ इन सब गंभीर और सीधे आरोपों का हवाला देते हुए खैहरा ने कहा कि हम केजरीवाल को चुनौती देते हैं कि वे छिपने के बजाय सामने आएं, अपने ही पूर्व सांसद की चुनौती स्वीकार करें और पंजाब के लोगों को सच बताएं कि राज्यसभा सीट और मंत्री पद की क्या बोली लगाई गई थी।
🔀 हरभजन सिंह के ‘आप’ छोड़कर भाजपा में शामिल होने से बढ़ा विवाद: पूर्व सांसदों के बागी होने से संकट में घिरी सत्ताधारी पार्टी
पंजाब की राजनीति में यह हाई-प्रोफाइल बयानबाजी ऐसे नाजुक समय पर सामने आई है, जब पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह हाल ही में आम आदमी पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से आधिकारिक इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम चुके हैं। उनके भाजपा में शामिल होते ही पंजाब की राजनीति में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुंच गया है। हालिया राजनीतिक रिपोर्ट्स और घटनाक्रमों के मुताबिक, हरभजन सिंह समेत ‘आप’ के कई अन्य पूर्व राज्यसभा सांसदों के लगातार पार्टी छोड़ने और बागी रुख अख्तियार करने के बाद पंजाब में सत्ताधारी पार्टी पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है, वहीं विपक्ष को सरकार को घेरने का एक बहुत बड़ा और पुख्ता मुद्दा मिल गया है।


