प्रदेश सरकार द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स के बकायेदारों को दी गई ब्याज माफी की बड़ी राहत अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। जिन भू-संपत्ति मालिकों ने सरकार द्वारा दी गई मोहलत के भीतर अपना टैक्स जमा नहीं किया, उन्हें अब मूल टैक्स के साथ-साथ पूरा ब्याज भी भुगतना होगा। नगर परिषद ने उन नागरिकों को स्पष्ट कर दिया है कि 30 जून तक का समय बीत जाने के बाद अब किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
🚫 1 जुलाई से जुड़ना शुरू हुआ पूरा ब्याज
सरकार ने शहरवासियों को टैक्स के बोझ से राहत देने के लिए विशेष ब्याज माफी योजना लागू की थी, जिसके तहत बकायेदारों को 30 जून तक अपना पुराना टैक्स बिना ब्याज के जमा करने की छूट थी। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, अब यह अवधि बीत चुकी है, इसलिए 1 जुलाई से बकाया राशि पर नियमानुसार दोबारा ब्याज जुड़ना शुरू हो गया है। समय पर टैक्स न भरने वाले लोगों पर अब आर्थिक बोझ बढ़ना तय है।
📋 1,800 बड़े बकायेदारों पर नगर परिषद का कड़ा रुख
नगर परिषद ने टैक्स वसूली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए लगभग 1,800 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है। प्रॉपर्टी टैक्स नगर परिषद की आय का मुख्य स्रोत है, जिससे शहर की साफ-सफाई, सड़कों का निर्माण और बुनियादी सुविधाओं का ढांचा तैयार किया जाता है। परिषद का कहना है कि राजस्व में कमी के कारण शहर के विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है, इसलिए अब इन बकायेदारों से सख्ती से टैक्स वसूल किया जाएगा।


