फरीदाबाद के सेक्टर-8 थाना क्षेत्र में 32 लाइसेंसी हथियार चोरी होने के मामले की जांच ने एक खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस हिरासत में मौजूद आईटीआई छात्र मनु से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने करीब एक साल पहले लापता हुए अपने 19 वर्षीय चचेरे भाई शिवम की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। इस खुलासे ने न केवल पुलिस बल्कि स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है।
💔 प्रेमिका के साथ मिलकर रची थी खौफनाक साजिश
आरोपी मनु ने बताया कि उसने अपनी प्रेमिका सरिता के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। उसने शिवम को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाईं और बेहोश होने के बाद तकिये से मुंह दबाकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को गुरुग्राम नहर में फेंक दिया था। शिवम पिछले एक साल से लापता था और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह अपनों की ही साजिश का शिकार हो चुका है।
👮 पुलिस की जांच और आरोपियों की भूमिका
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी मनु सेक्टर-8 थाने में अस्थाई तौर पर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था। इस हथियार चोरी के मामले में अब तक मनु समेत कुल 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें थाने में तैनात दो कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में और कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे के असली कारण क्या थे। हत्या में इस्तेमाल किए गए तरीके और सरिता की भूमिका पर भी पुलिस गहराई से तफ्तीश कर रही है।


