जब कोई स्त्री पहली बार गर्भवती होती हैं तो उसके और उसके परिवार वालों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता| यह समय हर स्त्री के जीवन का अद्भुत समय होता हैं जब एक जीव जो अपने शरीर के किसी भी अंग से अधिक प्रिय होता है| और इसके बाद जिंदगी में कई बदलाव भी आते हैं|
लेकिन बच्चे के आने से पहले भी गर्भावस्था में स्त्रियों को खुद की दैनिक क्रियाओं में भी बदलाव करने पड़ते हैं, जैसे अपने आहार में बदलाव ताकि गर्भावस्था में महिला का स्वास्थ्य अच्छा रहें और गर्भ में पल रहे बच्चे का सही से पोषण हो सकें|
आज इस आर्टिकल हम आपको प्रेगनेंसी डाइट के अंतर्गत कई ऐसे फूड्स के बारे में बताने जा रहे है जिनका आपको गर्भावस्था के दौरान भूल कर भी सेवन नहीं करना चाहिए|
प्रेगनेंसी डाइट :-
कटहल का सेवन गर्भवती महिला के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है, कटहल एक सब्ज़ी होती है और इसमें विटामिन सी की मात्रा भी अधिक होती है, और यदि आप इसका सेवन करते है तो इसके कारण भी आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसीलिए गर्भावस्था में आपको इसके सेवन से परहेज रखना चाहिए|
गर्भावस्था के दिनों में आपको सब्जियां और फल सबसे ज्यादा खाने चाहिये लेकिन इस स्टेज पर पपीता और अनानास खाने से बचें| इन फलों को प्रसव हो जाने के बाद ही खाएं| नौ महीने के लिए इस फल को बाय-बाय कर दें|
सीफूड और कुछ विशेष प्रकार की मछलियों में जैसे – स्वॉर्डफिश आदि में उच्च मात्रा में मरकरी होती है जिसके सेवन से मिस्कैरेज होने का खतरा रहता है| इसलिए इस प्रकार के भोजन से बचें या अच्छी तरह पकाकर खाएं|
नॉन वेजीटेरियन फ़ूड भी प्रेगनेंसी डाइट का ही एक ज़रूरी हिस्सा कहा जा सकता है| कच्चा या अधपका मीट खाने से गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में बचना चाहिये| बेहतर होगा कि गर्भावस्था के दिनों में आप मीट को अच्छी तरह पकाकर खाएं| गर्भावस्था में प्रॉन मीट खाने से बचना चाहिये|
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गर्भावस्था के दौरान महिला को अंगूर नहीं खाने चाहिए क्योंकि अंगूर की तासीर गर्म होती है जो भ्रूण के लिए हानिकारक होती है| अंगूर के सेवन से असमय प्रसव होने का खतरा भी बना रहता है|
तुलसी के पत्ते गर्भवती महिला के भ्रूण के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं| इसमें एस्ट्रोगोल की मौजूदगी गर्भपात भी करावा सकती हैं| तुलसी के पत्ते एक महिला के मासिक चक्र को भी प्रभावित करते हैं|
चाइनीज फूड में मोनो सोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) मौजूद होता है, जिसके कारण शिशु में जन्म के बाद किसी तरह की शारीरिक कमी देखने को मिल सकती है| साथ ही सोया सॉस में नमक की मात्रा ज्यादा होने के कारण गर्भवती महिला को हाई ब्लड प्रेशर के कारण गर्भावस्था में दिक्कत हो सकती है|
मिल्क में प्रोटीन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते है लेकिन गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में भूल से भी कच्चे दूध का सेवन न करें| अगर आपको दूध पीना है तो अच्छी तरह उबालने के बाद ही पिएं| मलाई निकला हुआ दूध ही पीना चाहिये|
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सभी प्रकार के चीज या पनीर हानिकारक नहीं होते है लेकिन माउल्ड चीज़ और सॉफ्ट चीज अनपाश्चुराइड मिल्क से बने होते है तो उन्हे गर्भावस्था के दौरान खाने से बचें| अगर आप चीज खाना चाहती हैं तो सुनिश्चित कर लें कि वह पाश्चीकृत दूध से बना हों|
गर्भावस्था के शुरूआती 6 महीनों में लिवर और लिवर प्रोडक्ट जैसे – पेटे और लिवर सॉसेज से बचना चाहिये| इसमें उच्च संतृप्त मात्रा में विटामिन ए होता है जो बच्चे को हानि पहुंचा सकता है|
इन चीजों का ख़ास तौर पर रखें ध्यान :-
प्रेगनेंसी प्रक्रिया के दौरान धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इनके सेवन से होने वाले शिशु पर बहुत बुरा असर पड़ता है|
प्रेगनेंसी के दौरान कॉफी और चाय न पिएं| इनमें कैफीन की मात्रा अधिक होती है जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान हो सकता है|
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प्रेगनेंसी के अंतर्गत कच्चा भोजन न खाएं जैसे कच्चे स्प्राउट्स या कच्चा नॉनवेज| अच्छा पौष्टिक पकाया गया भोजन ही खाएं|
प्रेगनेंसी में गर्म चीजों के सेवन से बचें| गर्म चीज हो या किसी भी चीज की तासीर गर्म हो वह बच्चे के लिए नुकसानदायक होती है|
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