नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया लोकसभा संबोधन के बाद देश में फिर से लॉकडाउन लगने की आशंकाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके वैश्विक प्रभावों के बीच प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सतर्क, तैयार और एकजुट रहने की अपील की, जिससे लोगों के मन में संभावित सख्त कदमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश को सतर्क रहने का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमवार को कहा कि वैश्विक हालात लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण बने रह सकते हैं। उन्होंने देशवासियों से एकजुट और तैयार रहने की अपील की, ठीक उसी तरह जैसे देश ने कोविड महामारी के दौरान मिलकर परिस्थितियों का सामना किया था।
लोकसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध, जिसमें Israel और United States का Iran के साथ टकराव शामिल है, उसके चलते वैश्विक स्तर पर energy supply chain प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके असर लंबे समय तक महसूस किए जा सकते हैं।
पश्चिम एशिया संघर्ष पर PM मोदी का बयान
लोकसभा में बोलते हुए PM मोदी ने कहा कि दुनिया भर में इस चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न कठिन परिस्थितियों का असर लंबे समय तक रहने वाला है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा, हमें एकजुट रहना होगा। हमने कोविड महामारी के दौरान भी एकजुट होकर ऐसी परिस्थितियों का सामना किया था। उसी तरह हमें इस बार भी तैयार रहना है। हमें हर चुनौती का सामना धैर्य और दृढ़ता के साथ करना होगा। यही हमारी पहचान है, हमारी ताकत है। लोकसभा में दिए गए अपने बयान में PM मोदी ने यह भी कहा कि कुछ तत्व मौजूदा स्थिति का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर
PM मोदी ने कहा, “जब इस तरह के संकट आते हैं, तो कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। चाहे तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा या रणनीतिक प्रतिष्ठान—सभी की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। यदि देश की हर सरकार और हर नागरिक मिलकर काम करे, तो हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।”


