पेरेंटिंग किस तरह की होनी चाहिए आजकल ये बहुत कम लोग जानते हैं. बच्चा 6 महीने का है तो उसे भी खाना खिलाने के लिए पेरेंट्स फोन में वीडियो दिखाते हैं. जब वो बड़ा होने लगता है तो रील्स का आदी बन जाता है. माता-पिता का ये तरीका बैड पेरेंटिंग की तरफ इशारा करता है. वैसे ऐसी कई आदतें हैं जो पेरेंट्स (parenting tips) अपनाते हैं और अपने ही बच्चे के फ्यूचर को खतरे में डाल रहे हैं.
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हर समय फोन देना- खाने से पहले, सोने से पहले या फिर कोई भी काम करने से पहले बच्चे फोन मांगते हैं. माता-पिता बिना सोचे उन्हें घंटों फोन पकड़ा देते हैं. इससे न सिर्फ उनका मेंटल लेवल बिगड़ता है बल्कि बच्चा अजीबो-गरीब व्यवहार भी करने लगता है. भारत के अधिकतर बच्चे बिना फोन देखें खाना नहीं खाते हैं. खाते वक्त ऐसा करने से खाना ठीक से चबाते नहीं है जिस वजह से पाचन तंत्र भी बिगड़ता है.
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parenting tips – पेरेंट्स खानपान में भी कई गलतियां कर रहे हैं वो लाड-प्यार में बच्चे को पास्ता, नूडल्स या मैक्रोनी खिलाते हैं. इनका स्वाद उन्हें शानदार लगता है लेकिन लगातार सेवन एक समय पर गट हेल्थ को पूरी तरह बिगाड़ देता है. न्यूट्रिएंट्स ठीक से न मिलने की वजह से बच्चा ठीक से विकास नहीं कर पाता है. हाइट और वेट न बढ़ने की वजह से पर्सनालिटी भी डाउन हो जाती है.


