नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाली दुकानों के मालिकों के नाम लिखने का आदेश विभाजनकारी (Order To Write Names Of Shopkeepers Is An Attack) तथा संविधान एवं लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा यह आदेश वापस लिया जाना चाहिए और इसे जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इसे भी पढ़ें – धोती पहने किसान की एंट्री पर थी रोक, अब कर्नाटक सरकार ने मॉल पर 7 दिन के लिए ठोका ताला
मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम प्रदर्शित करने का आदेश दिया है, ताकि भ्रम की स्थिति से बचा जा सके। विपक्षी दल इस आदेश को समुदाय विशेष के व्यापारियों को निशाना बनाने के प्रयास के तौर पर देख रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हमारा संविधान हर नागरिक को गारंटी देता है कि उसके साथ जाति, धर्म, भाषा या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में ठेलों, खोमचों और दुकानों पर उनके मालिकों के नाम का बोर्ड लगाने का विभाजनकारी आदेश हमारे संविधान, हमारे लोकतंत्र और हमारी साझी विरासत पर हमला है।’’
इसे भी पढ़ें – आंध्र प्रदेश का अनजाना गांव ‘वड्डुरु’ ऊषा चिलुकुरी की वजह से चर्चा में आया
Order To Write Names Of Shopkeepers Is An Attack – उन्होंने कहा, ‘‘समाज में जाति और धर्म के आधार पर विभाजन पैदा करना संविधान के खिलाफ अपराध है। यह आदेश तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और जिन अधिकारियों ने इसे जारी किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’’
