दुर्ग: जिले के ग्राम समोदा में शिवनाथ नदी किनारे मक्के की फसल की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है. इस पर कार्रवाई के साथ राजनीति भी हो रही है. पूर्व CM भूपेश बघेल खुद वो खेत देखने भी पहुंच गए जिस पर अफीम की खेती हुई है और उसे बीजेपी नेता का बताया जा रहा है. हालांकि बीजेपी नेता ने आरोपों को खारिज किया है. वहीं बीजेपी ने फिलहाल नेता विनायक ताम्रकर को सस्पेंड कर दिया है.
पुलिस और प्रशासन को सूचना मिली कि मक्के की फसल के बीच अफीम उगाई जा रही है. अधिकारियों ने खेत की जांच की तो लगभग डेढ़ से 2 एकड़ जमीन में अवैध अफीम की फसल पाई गई. इससे इलाके में हड़कंप मच गया. फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं.
भाजपा नेता विनायक ताम्रकर निलंबित
इस मामले में कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों ने भाजपा पर हमला बोला. इसके बाद विनायक ताम्रकर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्टी से निलंबित कर दिया है. पार्टी ने कहा कि उनके कथित व्यवहार से पार्टी की छवि धूमिल हुई है और इसलिए यह कार्रवाई की गई है.

खेती देखने पहुंचे भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी घटनास्थल पर पहुंचे और इस मामले को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसे मामले भाजपा नेताओं के संरक्षण में हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अफीम नहीं बल्कि अन्य नशीले पदार्थों के लिए भी खेत का इस्तेमाल हो सकता है.
बीजेपी नेता गृहमंत्री का करीबी है और ये पूरा कारोबार बीजेपी के संरक्षण में ये रहा है. एजुकेशन हब अब नशे का हब बन गया है.- भूपेश बघेल, पूर्व CM
विनायक ताम्रकर ने आरोपों को खारिज किया
विनायक ताम्रकर ने इन आरोपों से खुद इंकार किया है. उनका कहना है कि यह राजनीति का हिस्सा है और जमीन उनकी खुद की नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्होंने जो जमीन दी थी, उसे किसी और ने उपयोग किया, और वे उन लोगों को जानते तक नहीं हैं.
मुझे राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है. यह जमीन मेरी नहीं है और मैं इस अफीम की खेती के बारे में कुछ नहीं जानता.- विनायक ताम्रकर
आगे क्या हो रही कार्रवाई?
एएसपी मणिशंकर चंद्रा के नेतृत्व में की गई इस रेड कार्रवाई में करीब 5 से 6 एकड़ जमीन में अवैध अफीम की खेती होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और खेत में लगी फसल को नष्ट करने की कार्रवाई जारी है. इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित दो अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध खेती में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में इस तरह खुले तौर पर अफीम की खेती के मामले बहुत कम सामने आते हैं. यही वजह है कि पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गई है. अधिकारियों के अनुसार खेत में करीब एक एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में अफीम की तैयार फसल मिली, जिसे देखकर टीम भी चौंक गई.
अफीम की खेती है प्रतिबंधित
भारत में बिना सरकारी अनुमति के अफीम की खेती पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे नशीले पदार्थ तैयार किए जाते हैं जिनका इस्तेमाल ड्रग्स के रूप में होता है. इसी वजह से इस पर सख्त कानून लागू किया गया है. नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस यानी एनडीपीएस एक्ट के तहत अवैध अफीम की खेती करना गंभीर अपराध है. इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 10 से 20 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है.


