सपना तो था तारों की छांव में महबूब से खूब सारी बातें करने की, दोनों को इंतजार था गुरुवार की रात का. आखिरकार वह दिन भी आ गया और फेरे लेकर दोनों दो दिल एक जान बन गए. लेकिन operation vermilion) उनका सपना अधूरा ही रह गया. फेरों के बाद बारात वापस लौटी और लाख हसरतों के बावजूद दूल्हा अपनी पत्नी से बिना कुछ कहे अपनी पोस्ट के लिए रवाना हो गया.

operation vermilion – वह अपनी शादी के लिए 17 अप्रैल से 15 तक छुट्टी लेकर घर आया था. इस बीच भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव की वजह से उसकी छुट्टी रद्द हो गई है. राजगढ़ जिले के कुरावर गांव में रहने वाले मोहित छह साल पहले एयरफोर्स में भर्ती हुए थे और इस समय उनकी तैनाती दिल्ली के पास ईसापुर एयरफोर्स स्टेशन में है. गुरुवार को जब वह सेहरा बांधकर अपनी पत्नी के संग मडप में बैठे थे, उस समय उनके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था. जैसे-तैसे फेरे हुए, विदाई हुई और वह दुल्हन को लेकर घर पहुंचे.

दुल्हन बोली- करोड़ों सिंदूर की लाज बचाना

इसके बाद बड़े भारी मन से उन्होंने अपनी दुल्हन को बताया कि बुलावा आ गया है और उन्हें अभी अपनी पोस्ट पर जाना होगा. उनकी बहादुर पत्नी ने उन्हें देश की करोड़ों सिंदूर की लाज बचाने की सपथ दी और विदा कर दिया.कुरावर के वार्ड-15 में रहने वाले मोहित के पिता महेश राठौर किराना दुकान चलाते हैं. मोहित के मुताबिक बुधवार को ही उन्हें हेडक्वार्टर से फोन आ गया था.

शनिवार को जॉइन करना है ड्यटी

इसमें कहा गया था छुट्टियां रद्द हो गई है. उस समय उन्होंने बताया कि गुरुवार को ही शादी है, इसलिए शनिवार तक की मोहलत मिल गई. शनिवार को हर हाल में ड्यूटी जॉइन करना है, इसलिए शुक्रवार को शादी के बाद बारात लौटने के साथ ही उन्होंने पोस्ट पर जाने की तैयारी कर ली है.

Share.
Exit mobile version