केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक सरकारी कर्मचारी और दो अन्य निजी व्यक्तियों को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने 16 सितंबर 2026 को इस मामले में fir दर्ज की थी. आरोप था कि ये लोग टेंडर की (Northern Railway Hospital Case) अवधि समाप्त होने के बावजूद बिल बोर्ड, होर्डिंग और एलईडी डिस्प्ले लगाने की अनुमति देने के एवज में भारी मात्रा में अवैध वसूली कर रहे थे.
Northern Railway Hospital Case – एफआईआर दर्ज होने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और 16 सितंबर को नई दिल्ली में 15 लाख रुपये की रिश्वत का लेन-देन होते समय एमसीडी के सीनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट और दो निजी मध्यस्थों को दबोच लिया. इस ऑपरेशन के सिलसिले में जब आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली गई, तो सीबीआई को मौके से 25.25 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई. मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने के लिए अन्य स्थानों पर भी लगातार छापेमारी और जांच की जा रही है.
सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए एक अन्य हाई-प्रोफाइल मामले में दिल्ली के नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल के चीफ ऑफिस सुपरिटेंडेंट दिलीप कुमार चावला और उनकी पत्नी ज्योति चावला के खिलाफ जांच शुरू की गई है. आरोप है कि 2 जनवरी 2023 से 19 फरवरी 2026 के बीच इस दंपती ने अपनी वैध आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 89.51 लाख रुपये (यानी 37.68 प्रतिशत) अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जिसमें उनकी पत्नी ने भी पूरी मदद की.
1991 में क्लर्क के रूप में शुरू की थी नौकरी
जांच में सामने आया है कि आरोपी दिलीप कुमार चावला ने साल 1991 में रेलवे में एक क्लर्क के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी और तरक्की करते हुए वे चीफ ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद तक पहुंचे. एनआरसीएच में पदस्थ रहने के दौरान वे पैनल में शामिल अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बिलों के भुगतान कार्य संभाल रहे थे, इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर गलत तरीकों का इस्तेमाल करके भारी-भरकम संपत्ति बना ली, जिसकी अब सीबीआई गहराई से जांच कर रही है.
