नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने 99.93% वोटों के साथ संसदीय चुनाव जीत लिया है. हाल ही में सर्वोच्च सदन (सुप्रीम पीपुल्स असेंबली) के लिए मतदान हुआ, जिसमें खुद किम जोंग उन ने एक कोयला खदान में जाकर अपना वोट डाला था. लोकतंत्र वाले देशों के उलट, यहां चुनाव का मकसद सरकार बदलना नहीं, बल्कि किम जोंग (North Korea Election) उन की सत्ता पर मुहर लगाना होता है. किम जोंग उन की इस जीत पर एक बार फिर नॉर्थ कोरिया की जनता ने मुहर लगाई है.
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बताया जाता है कि नॉर्थ कोरिया वोट डालना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जिसे निभाना हर नागरिक के लिए अनिवार्य होता है. दरअसल, नॉर्थ कोरिया की सर्वोच्च सदन के लिए 15 मार्च को चुनाव कराए गए थे. इस चुनाव में खुद सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने भी मतदान किया. नॉर्थ कोरिया चुनाव आयोग के मुताबिक करीब 99.1 प्रतिशत लोगों ने इस चुनाव में अपने मतों का प्रयोग किया. यह चुनाव 5 साल के लिए कराए गए हैं.
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North Korea Election – बताया जाता है कि पीपुल्स कोरिया के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के संविधान में मतदान का अधिकार है. 17 साल से अधिक उम्र के नागरिक चुनाव में उतर सकते हैं और वोट डाल सकते हैं. चाहे वो किसी भी विचारधारा को मानता हो. नॉर्थ कोरिया में मतदान न करना राजद्रोह के सामान है. यानी सभी नागरिकों के लिए मतदान करना आवश्यक है. चीन और रूस में रहने वाले उत्तरी कोरिया के नागरिकों को भी वोट डालने का अधिकार है.
