आदि देव सूर्य के उत्तरायण होने और दही-चूड़ा भोज के आयोजन के साथ ही बिहार में सियासी गतिविधियां बढ़ गई हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में वापस लौटे (Nitish did not sit peacefully) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से फिर से एक्टिव होने की तैयारी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार से पूरे बिहार में समृद्धि यात्रा शुरू करने वाले हैं.
लेकिन चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर निकल गए थे और वापस लौटने पर बिहार की यात्रा पर उनके निकलने की बात थी, लेकिन तेजस्वी यादव की सियासी खामोशी बरकरार रही और उन्होंने 100 दिनों तक नीतीश सरकार के कामकाज का अध्ययन करने की बात कही.
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दूसरी ओर, पार्टी और परिवार से निष्कासित बड़े भाई तेज प्रताप यादव दही-चूड़ा भोज के बहाने पूरी सुर्खियां लूटी और हालांकि लालू प्रसाद यादव ने प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में शामिल होकर पॉजिटिव मैसेज दिया, लेकिन तेजस्वी यादव के शामिल नहीं होने से फिर से लालू परिवार चुनाव के बाद भी बिखरा नजर आया.
Nitish did not sit peacefully – सीएम नीतीश कुमार समय-समय पर यात्रा निकालते रहे हैं और अपनी यात्रा के माध्यम से जनता के बीच जाते रहे हैं. इस बार सीएम नीतीश कुमार कल से समृद्धि यात्रा निकालने वाले हैं. नीतीश कुमार की यात्रा को लेकर राज्य की सियासी हलचल बढ़ गयी है. विधानसभा चुनाव में राजग की जीत के बाद नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री बने हैं.


