नई दिल्ली: संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत नितिन नबीन ने करीब 7 महीने के अंतराल के बाद अपनी नई टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 65 सदस्यों को विभिन्न महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई टीम में संतुलन साधते हुए 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि 8 नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव (महामंत्री) पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही महिला प्रतिनिधित्व को मजबूती देते हुए 12 महिला (nitin nabin announced new team) नेत्रियों को राष्ट्रीय पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।

जानिए BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जुड़ी ये 5 सबसे अहम बातें
    • राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अध्यक्ष सहित अधिकतम 120 सदस्य हो सकते हैं।

    • इन्हीं कार्यकारिणी सदस्यों में से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, महासचिव और अन्य प्रमुख पदाधिकारी चुने जाते हैं।

    • राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम 13 उपाध्यक्ष और 9 महासचिव (महामंत्री) नियुक्त किए जा सकते हैं।

    • कार्यकारिणी में आने के लिए न्यूनतम 3 अवधियों तक सक्रिय सदस्य होना आवश्यक है।

    • विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रीय अध्यक्ष को अधिकतम 15 सदस्यों को सदस्यता अवधि की इस शर्त से छूट (Discretionary Relaxation) देने का अधिकार है।

 

 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने के नियम और क्या होते हैं उनके अधिकार?

पार्टी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम 13 उपाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं, जिनका चयन राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया जाता है:

    • भूमिका और दायित्व: संविधान में उपाध्यक्ष के लिए कोई एक निश्चित कार्य तय नहीं किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष आवश्यकतानुसार उन्हें अलग-अलग राज्यों के प्रभारी, संगठन विस्तार या किसी विशेष राजनीतिक अभियान की कमान सौंपते हैं।

    • अध्यक्ष की अनुपस्थिति में दायित्व: राष्ट्रीय अध्यक्ष की अनुपस्थिति या निर्देश पर उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं अथवा अध्यक्ष द्वारा अधिकृत किए जाने पर उनके महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं।

       

राष्ट्रीय महामंत्री बनने की प्रक्रिया: संगठन महामंत्री से कैसे अलग है यह पद?

पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम 9 महामंत्री हो सकते हैं, जिनका (nitin nabin announced new team) चयन भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों में से ही होता है:

    • दैनिक कामकाज का संचालन: राष्ट्रीय महामंत्री पार्टी के रोजमर्रा के कार्यों, सम्मेलनों की तैयारी, बैठकें आयोजित करने, एजेंडा तय करने और राष्ट्रीय अध्यक्ष व समिति के निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू कराने के जिम्मेदार होते हैं।

    • महामंत्री (संगठन) का विशेष पद: यह पद सामान्य महामंत्रियों से भिन्न होता है। नियमों के अनुसार राष्ट्रीय, प्रादेशिक और जिला स्तर पर केवल पूर्णकालिक (Full-time) प्रचारक या कार्यकर्ता को ही महामंत्री (संगठन) बनाया जाता है, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरी संगठनात्मक मशीनरी को मजबूत करते हैं।

       

 

 

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