सहारनपुर/नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों (FICN) के बहुचर्चित मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने इस पूरे मामले में घटना के बाद से ही फरार चल रहे बैंक अधिकारी अमित कुमार को (PNB fake note scandal) गिरफ्तार कर लिया है। अमित कुमार इस संगठित वित्तीय अपराध के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) में नामजद तीन प्रमुख बैंक अधिकारियों में शामिल है।
PNB fake note scandal – नोडल अधिकारी की शिकायत के आधार पर 29 अगस्त 2026 को सदर बाजार पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 0431/2026 दर्ज किया था। इस मुकदमे में पीएनबी मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कांसे, सहारनपुर सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट के तत्कालीन प्रबंधक सुशील शर्मा और यमुनानगर-जगाधरी (हरियाणा) स्थित खेड़ा बाजार करेंसी चेस्ट के तत्कालीन प्रबंधक अमित कुमार को नामजद किया गया। विभागीय स्तर पर प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाए जाने के तुरंत बाद बैंक प्रबंधन ने इन तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
अमित कुमार से पूछताछ में खुलेंगे राज
17.29 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोटों की बरामदगी के तार अमित कुमार से सीधे जुड़े माने जा रहे हैं, क्योंकि वह चेस्ट की तिजोरी की चाबियों और डिजिटल एक्सेस का अधिकृत धारक था। 29 अगस्त को सदर बाजार पुलिस को जब करेंसी चेस्ट में जाली मुद्रा होने की सूचना मिली, तब बैंक के स्तर पर शुरू हुए भौतिक सत्यापन में पहले 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट आंके गए थे। जैसे-जैसे चेस्ट के सभी बंडलों की तकनीकी जांच और ऑडिट आगे बढ़ा, बरामद हुए जाली नोटों की कुल फेस वैल्यू बढ़कर 17.29 करोड़ रुपये तक जा पहुंची, जिससे पूरे बैंकिंग तंत्र में हड़कंप मच गया।


