Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार
    • रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक दबाव का जिक्र, जांच की मांग
    • बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों ने की री-एग्जाम की मांग
    • ‘बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी’: तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान
    • पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान
    • बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वालों पर केस
    • सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी साजिश का आरोप
    • भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, पुलिस ने दबोचा
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Sunday, August 16
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे शिक्षक की मौत

    रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे शिक्षक की मौत

    August 16, 2026 मध्य प्रदेश 3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    रीवा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की जमीनी हकीकत पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंडला में एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से मासूम बच्चे की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब रीवा जिले से वैसी ही दिल दहला देने वाली लापरवाही सामने आई है। रीवा जिले के बुड़वा गांव में सांस लेने में गंभीर तकलीफ से जूझ रहे एक प्राथमिक शिक्षक की जान सिर्फ इसलिए चली गई, क्योंकि परिजनों द्वारा बार-बार इमरजेंसी कॉल करने के बावजूद 108 एंबुलेंस दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची।

    📞 गंगेव के बुड़वा गांव में बिगड़ी थी तबीयत, परिजनों ने लगातार लगाए 108 पर फोन

    रीवा जिले की गंगेव जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम बुड़वा निवासी कमलेश कोल पेशे से एक सरकारी शिक्षक थे।

    रविवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में तेज तकलीफ महसूस होने लगी। शिक्षक की तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए घबराए परिजनों ने तत्काल 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को संपर्क किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि लगातार फोन करने और मरीज की नाजुक स्थिति बताने के बावजूद 2 घंटे से अधिक समय तक कोई भी एंबुलेंस गांव नहीं पहुंची।

    🏥 निजी साधन से मनगवां PHC लेकर पहुंचे परिजन, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

    एंबुलेंस के इंतजार में समय बीतने के साथ शिक्षक कमलेश की हालत अत्यंत नाजुक हो गई।

    अंततः एंबुलेंस न आते देख परिजन अपनी व्यवस्था से निजी वाहन में उन्हें लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनगवां पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मनगवां स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी ने जांच के बाद शिक्षक को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही मरीज की सांसें थम चुकी थीं।

    💔 परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, एंबुलेंस सेवा की घोर लापरवाही पर जांच की मांग

    अस्पताल में शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

    परिजनों का कहना है कि यदि 108 एंबुलेंस समय रहते गांव पहुंच जाती और रास्ते में ऑक्सीजन सपोर्ट व प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो कमलेश की जान बचाई जा सकती थी। पीड़ित परिवार ने इस पूरी घटना को प्रशासनिक व विभागीय लापरवाही करार देते हुए दोषी कर्मचारियों व कॉल सेंटर प्रबंधन के खिलाफ सख्त व निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    😡 ग्रामीणों में गहरा आक्रोश, आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

    इस दर्दनाक घटना के बाद से बुड़वा गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है।

    ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए सवाल किया कि आखिर आपातकालीन कॉल दर्ज होने के बावजूद एंबुलेंस को पहुंचने में 2 घंटे का समय क्यों लगा। प्रदेश के दूरदराज इलाकों में एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मामले में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच के आदेश दिए जाने की बात कही जा रही है, जिसके बाद ही देरी के तकनीकी या प्रशासनिक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    इंदौर में CM मोहन यादव ने तोते उड़ाकर किया 14-D सफारी का लोकार्पण; ग्लो गार्डन और भूल-भुलैया भी बने आकर्षण का केंद्र

    उज्जैन: महाकाल मंदिर में सैकड़ों चप्पलों के ढेर में खो गई जोड़ी, श्रद्धालु ने ChatGPT से चुटकियों में ऐसे ढूंढ निकाली

    ग्वालियर में AI की सूझबूझ से बची हेड कांस्टेबल की जान: करैत सांप के काटने पर TI ने अपनाए सही प्रोटोकॉल, SP भी पहुंचे अस्पताल

    छतरपुर में स्वतंत्रता दिवस के दिन दर्दनाक हादसा, आजादी की खुशियां मातम में बदलीं

    रीवा के सोहागी पहाड़ में डिलीवरी बैग में मिला युवक का क्षत-विक्षत शव: इलाके में सनसनी, डिलीवरी बॉय होने की आशंका

    सरई रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग को लेकर MP हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और DRM से मांगा जवाब

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.