छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर माड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘माड़ मैत्री अभियान’ के तहत ग्राम उसेबेड़ा में एक भव्य जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस विशेष अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने खुलकर अपनी बुनियादी समस्याएं साझा कीं. कार्यक्रम (Naxal memorial demolished) की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि गांव में वर्षों से मौजूद नक्सली स्मारक को ग्रामीणों की आपसी सहमति और सक्रिय सहभागिता से पूरी तरह हटा दिया गया.

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 Naxal memorial demolished – नारायणपुर पुलिस अधीक्षक (SP) रॉबिंसन गुड़िया के सख्त निर्देश पर और 41वीं वाहिनी आईटीबीपी (ITBP) के कमांडेंट बेनुधर नायक के कुशल मार्गदर्शन में इस संवेदनशील इलाके में माड़ मैत्री अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में ग्राम उसेबेड़ा में जिला पुलिस और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों का विश्वास जीतने के लिए एक प्रभावी जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बुजुर्ग शामिल हुए.

 विकास के आगे झुका उग्रवाद 

इस दौरान ग्राम उसेबेड़ा में लंबे समय से स्थापित नक्सली स्मारक को भी कार्यक्रम के अंतर्गत पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. वर्षों से माड़ की धरती पर भय के प्रतीक के रूप में मौजूद इस स्मारक को ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों के सहयोग से खुद अपने हाथों से ढहा दिया. इस कदम के जरिए ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से बस्तर में शांति, चहुंमुखी विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया.

 

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