MSME Uttar Pradesh: वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट से उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र में बड़ी क्रांति नजर आएगी। इस वित्तीय वर्ष में करीब 33 लाख नए एमएसएमई राज्य में स्थापित होंगे। प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ उद्योगों के अनुकूल राज्य की नीतियां इस बड़े लक्ष्य का आधार बनेंगी। इतने नए उद्योगों की स्थापना से राज्य में करीब 1.20 करोड़ से अधिक रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। करोड़ इका भाजपा द्वारा चलाए जा रहे बजट संगोष्ठियों में केंद्रीय मंत्री इन आंकड़ों को रख रहे हैं।

केंद्रीय बजट से यूपी में होंगे ये बड़े काम

MSME Uttar Pradesh: 2021-22 के बजट में हर घर जल के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। इसमें से 5500 करोड़ रुपये यूपी पर खर्च होंगे। इससे राज्य में 50 लाख 45 हजार परिवारों को जल का कनेक्शन देने की योजना है। यूपी में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12696 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। • चार नए एकलव्य विद्यालय लखनऊ, बिजनौर, सोनभद्र और श्रावस्ती में खोले जाएंगे। यूपी पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 105.31 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

अयोध्या में 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम से बनेगा नया रेलवे स्टेशन। श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए इसका निर्माण किया जा रहा है। राज्य के सभी 75 जिलों में बनेंगे स्वास्थ्य विभाग के इंटीग्रेटेड लैब।

बजट आवंटन

  • यूपी में चल रहे प्रोजेक्ट के लिए एक लाख 91 हजार 687 करोड़ रुपये का प्राविधान केंद्रीय बजट में किया गया है।
  • 84 हजार 441 करोड़ रुपये 94 सड़क प्रोजेक्ट को मिलेंगे।
  • मेट्रो नेटवर्क में आगरा के लिए 1172 करोड़ रुपये और कानपुर के लिए 1562 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
  • दिल्ली से गाजियाबाद-मेरठ को जोड़ने वाले रीजनल रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए 4472 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
  • यूपी में 16 नई रेल लाइन पर 29 हजार 51 करोड़ खर्च

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MSME Uttar Pradesh: एमएसएमई के लिए खास रणनीति पर चल रहा है कामः केंद्र सरकार ने 2021-22 के बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 15700 करोड़ रुपये आवंटित किया है। चालू वित्तीय वर्ष में एमएसएमई के लिए कुल 7500 करोड़ रुपये का प्राविधान बजट में किया गया था। अपर मुख्य सचिव डा. नवनीत सहगल के मुताबिक नये वित्तीय वर्ष में एमएसएमई से राज्य में एक करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे। इसमें औद्योगिक नीतियों का बड़ा योगदान होगा। महज 72 घंटे में उद्योगों की स्थापना के लिए एनओसी और लोन दिलाने पर काम हो रहा है।

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