मध्य प्रदेश की नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण-पत्र (SC Certificate) से जुड़े विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। अनुसूचित जाति विकास विभाग की राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने मंत्री प्रतिमा बागरी को नोटिस जारी कर 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। समिति ने शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार को (caste certificate controversy) भी इस सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने को कहा है, ताकि दोनों पक्षों का पक्ष विस्तार से सुना जा सके।
caste certificate controversy – यह मामला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की शिकायत से जुड़ा है। प्रतिमा बागरी ने सतना जिले की रैगांव (आरक्षित) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज कर राज्य सरकार में मंत्री बनीं। प्रदीप अहिरवार का आरोप है कि प्रतिमा बागरी जिस समुदाय से आती हैं, वह सतना क्षेत्र में अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल नहीं है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि उनका संबंध राजपूत या ठाकुर समुदाय से है, जिसके कारण उनका SC प्रमाण-पत्र गलत तरीके से जारी किया गया है।
हाई कोर्ट का हस्तक्षेप और समिति की कार्रवाई
प्रदीप अहिरवार ने अप्रैल 2025 में उच्च स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष प्रमाण-पत्र की वैधता को चुनौती दी थी। लंबे समय तक कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की थी। न्यायालय के निर्देशों के बाद, अब छानबीन समिति सक्रिय हुई है। समिति ने स्पष्ट किया है कि दोनों पक्षों के दावों और उनके द्वारा प्रस्तुत मूल दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही इस मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


