भोपाल। प्रदेश में अगले साल त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होंगे। जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। इसमें प्रलोभन से लेकर दबाव तक कई तरह के आरोप लगते हैं। इसे देखते हुए (MP panchayat election) सरकार नगर निगम के महापौर, नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष के चुनाव की तरह प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे जनता से चुनाव कराने की तैयारी है।
MP panchayat election – इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अन्य राज्यों के प्रविधानों का अध्ययन करा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग से कहा गया है कि वह इसे लेकर अपने स्तर पर भी तैयारी करे।
राजनीतिक दलों का पूरा दखल
प्रदेश में भले ही ये चुनाव गैरदलीय आधार पर होते हैं लेकिन इसमें राजनीतिक दलों का पूरा दखल रहता है। जिस दल की सदस्य संख्या अधिक होती है, उसका समर्थित व्यक्ति अध्यक्ष बन जाता है। जिन निकायों में एक दल के समर्थकों का बहुमत नहीं होता है, वहां सदस्यों को प्रलोभन दिए जाने के साथ धमकाने की शिकायतें भी सामने आती हैं।


