दुर्ग: अफीम खेती मामले को लेकर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू के निलंबन के विरोध में कृषि अधिकारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है. कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के आह्वान पर विभाग के मैदानी अमले ने हिन्दी भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में जुटे अधिकारियों ने निलंबन को अनुचित बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की.
मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
आंदोलनरत अधिकारी कामाक्षी त्रिवेदी ने बताया कि संघ द्वारा कलेक्टर और उपसंचालक से मुलाकात कर निलंबन निरस्त करने का प्रस्ताव दिया गया था. कलेक्टर ने विचार करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन 22 मार्च तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा.
निलंबन वापस लेने तक जारी रहेगा आंदोलन
कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा. संघ का कहना है कि इस हड़ताल से जिले में कृषि विभाग की कई योजनाएं प्रभावित होंगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. संघ ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग ने मादक फसलों से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी या प्रशिक्षण उपलब्ध नहीं कराया. ऐसे में बिना पर्याप्त दिशा-निर्देश के की गई कार्रवाई पूरी तरह गलत है.
वहीं, प्रांत अध्यक्ष लिक्स कुमार ने बताया कि अधिकारी द्वारा किसानों की मांग पर फसल परिवर्तन का कार्य किया गया था. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत धान के स्थान पर मक्का लगाने के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन विभागीय मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के चलते कई तकनीकी समस्याएं सामने आईं. उन्होंने ने कहा कि ने निष्पक्ष जांच कर निलंबन आदेश रद्द करने की मांग दोहराई है.


