जमीयत उलेमा ए हिंद अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी अपनी बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उन्होंने एक बार फिर इशारों-इशारों में सरकार पर निशाना साधा है. साथ ही देश की मौजूदा स्थिति (Maulana Madani on Muslims) को चिंताजनक बताया है. बेंगलुरु में जमीयत की जनरल बॉडी बैठक में अरशद मदनी ने ये बयान दिया है.
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सांप्रदायिक पार्टियां आज मुसलमानों को बर्बाद करने पर तुली हुई हैं. देश की स्थिति इस कदर चिंताजनक हो चुकी है कि राह चलते मुसलमान को बेरहमी से मार दिया जाता है, और कातिल के बजाय पीड़ित को ही कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है. सांप्रदायिक शक्तियों ने भारत की सदियों पुरानी तहजीब, सहिष्णुता और साझा संस्कृति को नफरत की आग में झोंक दिया है. इस देश की यह बदकिस्मती है कि जिन लोगों के पूर्वजों ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया, जेलें काटीं, जानों की कुर्बानियां दीं और आजादी की नींव रखी, आज उन्हीं की औलाद को “देशद्रोही” कहा जा रहा है.
Maulana Madani on Muslims – मौलाना ने कहा कि यह वही देश है जिसकी पहचान कभी प्रेम, शांति और आपसी सम्मान से थी, मगर आज वह नफरत की आग में जल रहा है. इस आग को बुझाना सिर्फ मुसलमानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर इंसाफपसंद, सचेत और जागरूक नागरिक की बुनियादी जिम्मेदारी है. नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि प्यार, मोहब्बत और भाईचारे से देना होगा. एक-दूसरे के दुःख-सुख में साझीदार बनना होगा, मिल-जुलकर जिंदगी गुजारनी होगी, क्योंकि इस्लाम की तालीम भी यही है और यही इस देश की असली रूह है.
