Mandla dog sterilization scam: मध्य प्रदेश के मंडला में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बिंझिया क्षेत्र की शारदा कॉलोनी स्थित एक मकान से कुत्तों के सैकड़ों प्राइवेट अंग बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया है. डॉक्टरों के अनुसार ये पशु अंग हैं, लेकिन इन्हें किस उद्देश्य से रखा गया, यह जांच का विषय है, जिस पर थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल नगर पालिका ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को सौंप दी है और जांच शुरू कर दी गई है.
मंडला नगर पालिका ने शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया था, जिसे जबलपुर की एक प्राइवेट संस्था, अम्बे इंटरप्राइजेस ने हासिल किया था. संस्था को नसबंदी का कार्य करना था, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह काम शुरू ही नहीं हुआ था. इसी बीच संस्था के सदस्यों ने बिंझिया के शारदा कॉलोनी में एक मकान किराए पर लिया, जहां उनकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आने लगीं.
पास ही रहने वाली पशु प्रेमी निशा ठाकुर को इन गतिविधियों पर शक हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग, नगर पालिका, वेटरिनरी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और मकान की तलाशी ली. तलाशी के दौरान एक बंद कमरे में रखे दो डिब्बों से कुल 795 कुत्तों के अंग बरामद किए गए. इनमें 518 नर और 217 मादा कुत्तों के अंग शामिल बताए गए हैं. इन अंगों को सड़ने से बचाने के लिए फॉर्मेलिन नामक रसायन में डुबोकर सुरक्षित रखा गया था.
Mandla dog sterilization scam – सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शहर में नसबंदी का कार्य शुरू ही नहीं हुआ था, फिर इतनी बड़ी संख्या में अंग कहां से आए, यह बड़ा सवाल खड़ा करता है. पशु प्रेमी निशा ठाकुर ने आरोप लगाया है कि संस्था ने बाहर से इन अंगों को लाकर स्टॉक में रखा था, ताकि बाद में इन्हें दिखाकर बिना वास्तविक काम किए भुगतान हासिल किया जा सके. यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह एक संगठित फर्जीवाड़ा हो सकता है जिसमें कागजी कार्रवाई के आधार पर पैसे निकालने की तैयारी की जा रही थी.


