मऊगंज: उप जेल से धांधली का एक मामला सामने आया है. हाल ही में लूट के मामले में उप जेल से जमानत पर बाहर आए एक बंदी ने जेल प्रशासन की पोल खोल दी. पीड़ित बंदी अमरीश द्विवेदी के मुताबिक, ”16 दिसम्बर 2025 को उसे लूट के आरोप में उप जेल मऊगंज भेजा गया था. उसी दौरान वहां पर उपस्थित सिपाही ने डरा धमकाकर उसके अपरिजनों से 15 हजार ऑनलाइन पेमेंट कराया गया. इसके बाद 30 हजार रूपए कैसे भी ऐंठ लिए.”
इसके अलावा पीड़ित ने जेल में हो रही धांधली के कई ऐसे राज खोले जिसके बाद से जेल प्रबंधन के बीच हड़कंप मचा हुआ है. वहीं मामले पर संज्ञान लेते हुए रीवा केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए मऊगंज उप जेल में पदस्थ सिपाही प्रकाश सिंह बघेल को सस्पेंड किया है.
ट्रक ड्राइवर ने दर्ज कराई थी लूट की शिकायत
16 दिसंबर को मऊगंज थाना के खटखरी पुलिस चौकी में एक ट्रक ड्राइवर ने लूट की शिकायत दर्ज कराई गई थी. ट्रक ड्राइवर अजय पाण्डेय का आरोप था कि “ट्रक में पुट्टी लोड कर के कटनी से भागलपुर बिहार के लिए निकले थे, जैसे वह ट्रक लेकर रीवा के मऊगंज स्थित खटखरी के पास पहुंचे, तभी कार सवार 6 बदमाशों ने जबरन ट्रक को रुकवाया और ट्रक में चढ़कर कागजात मांगे, इसके बाद मारपीट की और फिर मोबाइल और 23 हजार रुपए नगदी लूट कर फरार हो गए.”
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और घटना में शामिल सभी बदमाशों को चंद घंटों के अंदर गिरफ्तार भी कर लिया था. जिनके कब्जे से लूटी गई 23 हजार रूपए की राशि में 10 हजार रुपये की नकद राशि और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे. पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए वारदात में शामिल सभी आरोपियों को मऊगंज उप जेल भेज दिया था.
अमरीश ने कहा-लूट नहीं केवल ट्रक ड्राइवर से की थी मारपीट
अमरीश के मुताबिक, ”वह घटना के दिन मऊगंज हाइवे में अपने दोस्तों के साथ कार से कही जा रहा था. इसी दरमियान एक ट्रक चालक ने उसकी कार में कट मार दिया, जिसके बाद अमरीश और उसके दोस्तों ने ट्रक रूकवाकर ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट की, इसके बाद वहां से चले गए. मगर ट्रक ड्राइवर ने पुलिस में लूट की शिकायत दर्ज करा दी.”
जेल से बाहर आए बंदी ने जेल आरक्षक पर लगाए गंभीर आरोप
मऊगंज हाइवे में हुई लूट की इस वारदात के 3 महीने बाद एक नया मोड़ तब आया जब इस घटना में जेल भेजा गया एक आरोपी अमरीश द्विवेदी जमानत पर जेल से रिहा हुआ. जमानत पर रिहा हुए बंदी अमरीश द्विवेदी ने जेल के अंदर के कई ऐसे राज खोले जिसके बारे सुनकर हर कोई सन्न रह गया. अमरीश ने मऊगंज उप जेल में पदस्थ सिपाही प्रकाश सिंह बघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अमरीश का कहना है कि, उसके अलावा 5 अन्य साथियों को लूट के मामले में 16 दिसंबर 2025 को मऊगंज उप जेल भेजा गया था.
जेल ले जाने के बाद सिपाही ने परिजनों से कराया ऑनलाइन पेमेंट
मऊगंज स्थित रामपुर चिताई पुरवा गांव के निवासी 25 वर्षीय अमरीश द्विवेदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि, ”जेल में पदस्थ सिपाही प्रकाश सिंह बघेल उसे जेल के अंदर लाते ही पुराने बंदियों के साथ पाकशाला बगिया ग्राउंड की तरफ ले गया. करीब 2 घंटे तक मारपीट की गई. इसके बाद मुझसे मेरे परिजन का मोबाइल नम्बर लिया गया और फोन करके कहलवाया गया कि इन्हें पैसा दिया जाय. अन्यथा प्रार्थी से काम करवाया जाएगा और मारपीट की जाएगी. परिजन से 20 हजार ऑनलाइन पेमेंट कराया इसके बाद 25 हजार रुपए कैश एठे गए.” आरोप है कि, सिपाही यहीं नहीं रुका परिजन जब भी मुझसे मिलने के लिए जेल आते थे तब उनसे 1-2 हजार करके तकरीबन 12 हजार रुपए और कैश रकम लिए गए.
घर पर फोन करके अन्य व्यक्तियों के नंबर पर मांगता था पैसे
अमरीश का कहना है कि, ”सिपाही प्रकाश सिंह बघेल घर में फोन करके परिजन से अन्य व्यक्ति के फोन पे में पैसा लेता था. इसके अलावा मुझे जेल में मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था.” आरक्षक प्रकाश सिंह बघेल ने जेल की पाकशाला में रहने वाले सभी बन्दियों से पैसा लिया करता था. साथ ही उन बन्दियों को नशे की सामग्री बीडी, सिगरेट, शराब की सप्लाई करता है. पाकशाला के पीछे ले जाकर बन्दियों को नशे का सेवन भी कराता है. इसके एवज में बन्दियों से मोटी रकम भी वसूल करता है. पूरे मामले पर शिकायतकर्ता अमरीश द्विवेदी ने कुछ साक्ष्य भी साझा किए हैं.
सीएम हेल्पलाइन सहित मऊगंज कलेक्टर से की शिकायत
मामले पर जेल से बाहर आएं अमरीश दुवेदी सिपाही प्रकाश सिंह बघेल के खिलाफ मऊगंज कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन मे शिकायत की है. जेल मे धांधली की खबर जैसे ही आग की तरह फैली तो जेल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई. इस पूरे मामले के संज्ञान में आते ही रीवा केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.के. उपाध्याय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरक्षक प्रकाश सिंह बघेल को सस्पेंड कर दिया.
रीवा केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने सिपाही को किया सस्पेंड
मामले को लेकर जब रीवा केंद्रीय जेल में पदस्थ अधीक्षक एस.के. उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, ”घटना के संबंध में एक वीडियो सामने आया था इसके बाद कार्रवाई करते हुए सिपाही प्रकाश सिंह बघेल को सस्पेंड करते हुए अनूपपुर भेजा गया है. सिपाही प्रकाश सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी. जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जांच में अन्य जो भी शामिल होंगे उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.”



