महाशिवरात्रि का पावन पर्व भक्ति और शक्ति का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है. साल 2026 में फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से शुरू होगी और इसका समापन 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे होगा. मान्यता है कि इस विशेष दिन महादेव बहुत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और अपने (anoint shivling with special thing) भक्तों पर अपनी कृपा न्योछावर करने के लिए तैयार रहते हैं. इस दिन शिवलिंग का अभिषेक करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन की कई परेशानियां भी दूर होने लगती है.
दूध और गंगाजल से अभिषेक का महत्व
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का दूध से अभिषेक करना सबसे प्रचलित और फलदायी माना जाता है. गाय के कच्चे दूध में थोड़ा गंगाजल मिलाकर अभिषेक करने से मन को शांति मिलती है और तनाव कम होता है. यदि आपके जीवन में अशांति बनी रहती है, तो यह अभिषेक आपके लिए बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है. अभिषेक करते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए. यह सरल क्रिया आपके भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और महादेव के प्रति आपकी श्रद्धा को और अधिक गहरा बनाती है.
शहद और घी से अभिषेक के लाभ
यदि आप अपने स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि में सुधार चाहते हैं, तो शहद और शुद्ध घी से अभिषेक करना उत्तम रहता है. शहद से अभिषेक करने पर वाणी में मधुरता आती है और रुके हुए कार्यों में गति मिलने की संभावना रहती है. वहीं, शुद्ध घी का अभिषेक रोगों से मुक्ति और शरीर को ऊर्जा देने वाला माना जाता है. घर पर (anoint shivling with special thing) पूजा करते समय आप इन सामग्रियों को मिलाकर भी अर्पित कर सकते हैं. महादेव बहुत भोले हैं, वे केवल आपकी सच्ची श्रद्धा और प्रेम देखते हैं. पूर्ण विश्वास के साथ किया गया यह छोटा सा प्रयास आपके जीवन की दिशा बदल सकता है.


