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    Home » राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के भीतर बढ़ी खींचतान

    राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के भीतर बढ़ी खींचतान

    February 22, 2026 महाराष्ट्र 2 Mins Read
    issue of NCP merger
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    महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसको लेकर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में सहमति बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है. एनसीपी (शरद पवार गुट) प्रमुख शरद पवार अगर चुनाव लड़ने (issue of NCP merger) का फैसले करते हैं तो उन्हें समर्थन देने पर आघाड़ी के भीतर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं.

    हालांकि तीनों दलों के बीच सीट बंटवारे और अन्य राजनीतिक समीकरणों को लेकर मोलभाव जारी है.कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने एनसीपी (एसपी) के संभावित विलय को लेकर स्पष्टता मांगी है. शिवसेना (यूबीटी) चाहती है कि राज्यसभा में शरद पवार का समर्थन करने के बदले विधान परिषद चुनाव में उद्धव ठाकरे को समर्थन दिया जाए.

    इसे भी पढ़ें – धुले ट्रिपल मर्डर : एक छोटी सी बात पर सगाई में चले हथियार, बिछ गई 3 लाशें, दहल उठा महाराष्ट्र

    issue of NCP merger – जहां शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शरद पवार की उम्मीदवारी के समर्थन के संकेत दिए हैं, वहीं पार्टी के नेता आदित्य ठाकरे ने महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की एकमात्र जीतने योग्य राज्यसभा सीट पर अपनी पार्टी का दावा दोहराया है.

    आदित्य ठाकरे ने कहा है कि शिवसेना (यूबीटी) में सभी की स्पष्ट राय है कि यह सीट हमारी है. उन्होंने कहा कि गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी विचार करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि एक तरफ एनसीपी में विलय की चर्चा चल रही है. वहीं मुंबई में एनसीपी (एसपी) ने हमारे साथ चुनाव लड़ा और बाद में एकनाथ शिंदे को समर्थन दिया.

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