महाराष्ट्र: महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए हुए चुनाव में ‘महायुति’ (NDA) ने अपना वर्चस्व सिद्ध करते हुए बड़ी जीत हासिल की है। कुल 17 सीटों में से महायुति ने 16 सीटों पर विजय प्राप्त की है। इस चुनाव में 6 सीटें पहले ही निर्विरोध जीती जा चुकी थीं, जबकि 11 सीटों पर हुए मतदान के बाद आज मतगणना में महायुति का पलड़ा भारी रहा।
📍 नासिक में भाजपा को बड़ा झटका
महायुति को एकमात्र हार नासिक सीट पर मिली, जहाँ भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते ने शिवसेना (शिंदे गुट) के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को पहले ही दौर में बड़े अंतर से पराजित किया। गीते ने 357 मत प्राप्त कर जीत का कोटा आसानी से पूरा कर लिया।
📊 प्रमुख सीटों के परिणाम और विजेता
-
सांगली-सातारा: भाजपा के धैर्यशील कदम ने कांग्रेस-एनसीपी (शरद पवार) समर्थित उम्मीदवार को 301 मतों के अंतर से हराया।
-
धाराशिव-लातूर-बीड: भाजपा के बसवराज पाटील ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 721 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
-
अमरावती: भाजपा के प्रवीण पोटे-पाटिल ने जीत हासिल की, जहाँ विपक्षी कांग्रेस उम्मीदवार का खाता तक नहीं खुल सका।
-
भंडारा-गोंदिया: भाजपा के अविनाश ब्राह्मणकर ने 304 मतों के साथ जीत दर्ज की।
-
नागपुर (उपचुनाव): भाजपा के डॉ. राजीव पोटदार विजयी रहे।
📋 वे सीटें जहाँ महायुति निर्विरोध चुनी गई
विपक्ष द्वारा उम्मीदवार न उतारने या नाम वापस लेने के कारण महायुति के उम्मीदवार निम्नलिखित 6 सीटों पर बिना किसी विरोध के चुन लिए गए थे:
-
वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली
-
यवतमाल
-
भंडारा-गोंदिया
-
रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग
-
ठाणे-पालघर
-
अहिल्यानगर
🔄 राजनीतिक विश्लेषण
यह परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ‘महायुति’ (भाजपा, शिवसेना-शिंदे और एनसीपी-अजित पवार) के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला कदम है। हालाँकि, नासिक में निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने गठबंधन के भीतर आंतरिक बगावत और समन्वय की चुनौतियों को भी उजागर किया है। अब सभी की नजरें बाकी बची राजनीतिक गतिविधियों और आगामी चुनावों में इस जीत के असर पर टिकी हैं।


