गाजियाबाद: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), गाजियाबाद शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-मेरठ रोड और मोहन नगर स्थित दो हेलमेट निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की है। इन इकाइयों में BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन कर बिना वैध लाइसेंस और ISI मार्क के दुरुपयोग के साथ हेलमेट बनाए जा रहे थे। जांच टीम ने कुल 1,100 से अधिक हेलमेट जब्त किए हैं।
🔍 दो स्थानों पर चला तलाशी अभियान
BIS की प्रवर्तन टीमों ने दो अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में दबिश दी:
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दुहाई औद्योगिक क्षेत्र: टीम ने यहां छापेमारी कर ISI मार्का युक्त हेलमेट का भारी स्टॉक जब्त किया।
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आनंद इंडस्ट्रियल एस्टेट (मोहन नगर): यहां एक ऐसी इकाई पकड़ी गई जिसका BIS लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था, फिर भी वहां ISI चिन्ह के साथ हेलमेट बनाए जा रहे थे। यहां से 593 हेलमेट जब्त किए गए।
⚖️ उल्लंघन पर कठोर दंड का प्रावधान
BIS गाजियाबाद के वरिष्ठ निदेशक जी. भवानी ने स्पष्ट किया है कि BIS अधिनियम, 2016 की धारा 29 के तहत यह एक गंभीर अपराध है। इसके तहत दोषी को:
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दो वर्ष तक का कारावास।
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न्यूनतम ₹2,00,000 का जुर्माना, जो संबंधित वस्तुओं के मूल्य का दस गुना तक बढ़ाया जा सकता है।
📱 उपभोक्ता ऐसे करें असली हेलमेट की पहचान
BIS ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बाजार से हेलमेट खरीदने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें:
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अपने फोन में ‘BIS CARE App’ डाउनलोड करें।
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ISI मार्क के नीचे लिखे लाइसेंस नंबर को ऐप में वेरिफाई करें।
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शिकायत के लिए gzbo@bis.gov.in पर ई-मेल करें या सीधे गाजियाबाद शाखा कार्यालय से संपर्क करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


