भोपाल। क्या आप मानने को तैयार हैं कि जिन रेलवे स्टेशनों पर प्रतिदिन 7500 पानी की बोतलें बिक जाती हों, वहां पिछले डेढ़ महीने से पानी का नया स्टाक ही नहीं आया! भोपाल के रेलवे स्टेशनों पर ऐसा ही (loot at railway station) होता दिख रहा है। जीएसटी सुधार के बाद रेलवे ने बोतलबंद पानी की दरों में एक रुपये की कटौती की थी। अब बोतल 15 रुपये की जगह 14 रुपये लीटर बिकनी थी, लेकिन भोपाल और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर यह दर लागू नहीं हुआ। दुकानदार कहते हैं कि बोतल पर प्रिंट रेट 15 रुपया लिखकर आया है तो यही देना होगा।
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रेलवे बोर्ड में उप निदेशक कैटरिंग रंगराजन अनंतरत्नम के हस्ताक्षर से 20 सितंबर को सभी महाप्रबंधकों और आईआरसीटीसी के प्रबंध संचालक आदि के लिए एक आदेश जारी किया। इसमें (loot at railway station) बताया गया कि जीएसटी सुधार के बाद जो स्थिति बनी है उसके तहत बोतलबंद पानी का अधिकतम खुदरा मूल्य एक लीटर वाली बोतल पर 15 रुपये से घटाकर 14 रुपये और आधा लीटर बोतल के लिए 10 रुपये से घटाकर नौ रुपये करना है। नई दरों को 22 सितंबर से लागू किया जाना था। पांच अक्टूबर की रात यानी 44 दिन बीत जाने के बाद भी यह आदेश भोपाल में लागू नहीं हो पाया।
