आज के समय में वेट लॉस के लिए लोग कई तरह के प्रयास करते हैं. इसमें एक्सरसाइज के साथ ही सही डाइट भी शामिल है. आजकल कीटो और कई तरह की डाइट काफी ट्रेंड में हैं. जिसे अपनी पसंद के (what is water fasting) मुताबिक ही फॉलो करना चाहिए. इन्हीं सब में लिक्विड डाइट भी शामिल है, जिसमें सिर्फ लिक्विड चीजों का सेवन किया जाता है. वहीं इसी की तरह एक वॉटर डाइट भी होती है.

what is water fasting – वॉटर डाइट जैसे की नाम से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें सिर्फ पानी पिया जाता होगा. लेकिन क्या यह सही है क्योंकि हमारे शरीर को सही कार्य करने के लिए सभी तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है, तो ऐसे में वाटर फास्टिंग करने से शरीर को फायदा होता है या फिर नुकसान और इस दौरान की कई कौन-सी गलतियों से सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

क्या कहती हैं एक्सपर्ट?

दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में चीफ डायटिशियन प्रिया पालीवाल ने बताया कि वाटर डाइट एक ऐसी डाइट है जिसमें कुछ समय के लिए व्यक्ति सिर्फ पानी पीता है और कोई कठोर खाना नहीं खाते, इसे आमतौर पर वॉटर फास्टिंग भी कहा जाता है. वाटर डाइट शरीर को डिटॉक्स करने, वजन घटाने और पाचन तंत्र को आराम देने के लिए कभी-कभी अपनाई जा सकती है, लेकिन इसे बहुत सोच-समझकर और सीमित समय के लिए ही फॉलो करना चाहिए.

वाटर फास्टिंग के नुकसान

कुछ लोग इसे धार्मिक उपवास या मेंटल क्लेरिटी के लिए भी अपनाते हैं. लेकिन इसके नुकसान भी बहुत होते हैं. लंबे समय तक सिर्फ पानी पर रहना शरीर को कमजोर कर सकता है, चक्कर आना, थकान, लो ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर गिरना जैसी समस्याएं इस डाइट के कारण हो सकती हैं. खासकर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या हार्ट से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह डाइट खतरनाक हो सकती है. वाटर डाइट शुरू करने से पहले हेल्थ चेकअप करवाना और अपने शरीर की जरूरत को जानना बहुत ही जरूरी है.

Share.
Exit mobile version