प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली सरकार ने श्रमिकों और कामगारों तक सरकारी योजनाओं को सीधे पहुंचाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय से चार ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिन-रात मेहनत कर शहर का निर्माण करने (Labour Welfare News) वाले श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि जरूरी सुविधाएं खुद उनके कार्यक्षेत्र तक पहुंचें.
यह मोबाइल वैन श्रमिकों को उनके इलाके में ही पंजीकरण, रिन्यूअल (नवीनीकरण), सरकारी योजनाओं की जानकारी और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. दिल्ली सरकार की इस योजना के तहत राजधानी के प्रत्येक जिले में एक यानी कुल 13 वैन संचालित की जाएंगी. ये वैन सीधे लेबर चौक और निर्माण स्थलों पर जाएंगी, जिससे श्रमिकों की दिहाड़ी भी प्रभावित नहीं होगी और वे आसानी से सरकारी योजनाओं से जुड़ सकेंगे.
‘विकसित भारत’ के संकल्प में श्रमिक भाइयों की भूमिका अहम
दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा (Labour Welfare News) कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने में हमारे श्रमिक भाई-बहनों का योगदान सबसे अहम है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी श्रमिक उचित जानकारी और पंजीकरण के अभाव में सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे. इन मोबाइल वैन के जरिए श्रमिकों को न सिर्फ योजनाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें डिजिटल सेवाओं और कल्याणकारी प्रक्रियाओं से जोड़ने में भी पूरी मदद दी जाएगी.


