मध्य प्रदेश के श्योरपुर स्थित कूनो में एक बार फिर मादा चीते ने शावकों को जन्म दिया है. मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जिससे देशभर में चीतों की संख्या अब 50 से अधिक हो गई है. माना जा रहा है कि प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से आए चीते भारतीय वातावरण में ढल गए हैं. अब कूनो के जंगल में भारतीयों चीतों की संख्या अधिक हो गई है.
दरअसल, बीते दिन कूनो जंगल से बड़ी खुशखबरी आई है मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया. इसके साथ ही भारत में चीतों की संख्या की 50 से अधिक होने का दावा किया जा रहा है. कूनो में लगातार बढ़ रही चीतों की संख्या से प्रोजेक्ट चीता के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है. मादा चीता ज्वाला ने कूनो जंगल में पांच शावकों को जन्म दिया है. पांचों बिलकुल स्वस्थ हैं.
सीएम मोहन यादव ने दी बधाई
राज्य के सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर मादा चीता ज्वाला और उसके शावकों का वीडियो शेयर किया है. साथ प्रोजेक्ट चीता से जुड़े लोगों को बधाई दी है. वहीं, पांच शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीतों की संख्या 50 पार पहुंच गई. अब भारत में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है.
जानकारी के अनुसार, पिछले महीने मादा चीता गामिनी ने चार शावकों को जन्म दिया था. अब ज्वाला ने पांच शावकों की जन्म देकर भारत में चीतों की संख्या बढ़ाई है. कूनो के जंगल चीतों से गुलजार हैं. कूनो के चीते जंगल की सीमा लांघकर राजस्थान में भी प्रवेश कर रहे हैं. जानकारों का कहना है कि कूनो की क्षमता इतने चीतों को रखने की नहीं है. सरकार अब सागर के नौरादेही अभ्यारण में चीतों को बसाने की तैयारी कर रही है.
तीसरी बार मां बनी ‘ज्वाला’
वहीं एक्सपर्ट ने बताया कि मादा चीता ज्वाला ने तीसरी शावकों को जन्म दिया है. माना जा रहा है कि नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से आए चीते भारतीय वातावरण में ढल गए हैं. वहीं अब देश में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है. चीते की संख्या अधिक होने की वजह से अब ये राजस्थान की तरफ जा रहे हैं.


