राजस्थान के कोटा जिले के न्यू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती 2 और महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई. किडनी फेल होने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है. इससे पहले सिजेरियन डिलीवरी के बाद 4 मई को 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है. कई की किडनी फेल है. इस घटना के बाद 8 मई की रात 10 बजे (Kota Hospital Tragedy) कलेक्टर और एडीएम सिटी ने प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचकर महिलाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली.

Kota Hospital Tragedy – न्यू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेटिंग सर्जन असिस्टेंट प्रोफेसर (गायनेकोलॉजी) डॉ. श्रद्धा की सेवाएं बर्खास्त कर दी हैं. वह संविदा पर मेडिकल कॉलेज में तैनात थीं. इमरजेंसी ओटी के ऑफिसर इंचार्ज एसोसिएट प्रोफेसर (सर्जरी) डॉ. नवनीत शर्मा, ऑपरेशन थिएटर की सिस्टर इंचार्ज गुरजीत कौर और लेबर रूम की सिस्टर इंचार्ज निमेश वर्मा को भी सस्पेंड कर दिया है.

सिजेरियन डिलीवरी से बिगड़ी तबीयत

हैरानी की बात यह है कि 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी होने के बाद भी 2 और महिलाओं को उसी EOT (इमरजेंसी ओटी) में ले जाया गया. किरण की सिजेरियन डिलीवरी कराई और 6 महीने की गर्भवती (प्रेग्नेंट) शिरीन को टांके लगाए गए. इसके बाद इन दोनों की भी तबीयत बिगड़ गई.चार दिन बाद भी जांच टीम महिलाओं की हालत बिगड़ने के कारण को अब तक नहीं ढूंढ पाई.

2 महिलाओं की मौत

दरअसल, 3 मई को सिजेरियन डिलीवरी के बाद शाम 5.40 बजे सुशीला, 4 मई की तड़के 3:30 बजे चन्द्रकला, सुबह 11.43 बजे रागिनी, दोपहर 12. 58 बजे पायल, दोपहर 1.35 बजे ज्योति और दोपहर 4.03 बजे धन्नी को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती किया गया था. 4 मई की रात 12 बजे के आसपास सबसे पहले पायल की तबीयत बिगड़ी थी. उसके बाद 5 अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ी थी. 48 घंटे में पायल और ज्योति ने दम तोड़ दिया था.

 

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