कोरिया: जिले की कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने रामगढ़ स्थित माध्यमिक शाला और कन्या आश्रम शाला का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उनका अंदाज बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने न केवल बच्चों की पढ़ाई देखी, बल्कि उनके भविष्य के लक्ष्यों पर भी चर्चा की।
🎓 यूपीएससी का लक्ष्य और कलेक्टर की सीख
निरीक्षण के दौरान कक्षा आठवीं की एक छात्रा ने कलेक्टर से यूपीएससी (UPSC) की तैयारी के बारे में पूछा। छात्रा के इस बड़े लक्ष्य को देख कलेक्टर ने उसकी जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि 12वीं के बाद स्नातक की पढ़ाई पूरी करके इन परीक्षाओं की तैयारी शुरू की जा सकती है। उन्होंने सफलता के लिए तीन महत्वपूर्ण मंत्र दिए:
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प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने की आदत डालें।
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देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं पर नजर रखें।
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नियमित अभ्यास और विषयों पर मजबूत पकड़ बनाए रखें।
🔢 छात्रा का कमाल और कलेक्टर का प्रोत्साहन
कलेक्टर के सामने कक्षा तीसरी की एक छात्रा ने बिना किसी झिझक के 26 का पहाड़ा सुनाकर सभी को चकित कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों और उनके आत्मविश्वास से कलेक्टर बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने बच्चों से कहा कि, “प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से हर सपना पूरा किया जा सकता है।”
🍱 भोजन की गुणवत्ता और खेलकूद पर जोर
कलेक्टर ने कन्या आश्रम शाला के रसोई कक्ष में जाकर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांची और बच्चों से सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि भोजन की शुद्धता और स्वच्छता में कोई कोताही न बरती जाए। साथ ही, उन्होंने जोर दिया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर ही बेहतर भविष्य की नींव है।


