केरल : राज्य के अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग के ताजा आंकड़े केरल की बदलती जनसांख्यिकीय तस्वीर को बयां कर रहे हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, राज्य के हिंदू और ईसाई समुदायों में ‘नेगेटिव नेचुरल ग्रोथ रेट’ (NGR) दर्ज की गई है, जिसका अर्थ है कि इन समुदायों में जन्म लेने वालों की तुलना में (Kerala Population Trends) मरने वालों की संख्या अधिक है।

समुदायों में बढ़ती ‘नेगेटिव नेचुरल ग्रोथ रेट’

आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट होती है:

    • हिंदू समुदाय: हिंदुओं की NGR पहली बार 2022 में -0.080% हुई थी, जो 2023 में गिरकर -0.115% तक पहुंच गई।

    • ईसाई समुदाय: ईसाई समुदाय 2021 (-0.095%) से ही इस दायरे में है और 2023 में यह -0.084% रहा।

    • मुस्लिम समुदाय: राज्य की कुल नेचुरल ग्रोथ रेट 2023 में मामूली सकारात्मक (0.249%) है, जिसका मुख्य कारण मुस्लिम समुदाय में जन्म दर का अधिक होना है।

 गिरावट के पीछे के मुख्य कारण

केरल में इस गिरावट के पीछे (Kerala Population Trends) कई सामाजिक कारक जिम्मेदार हैं:

    1. उच्च साक्षरता और करियर फोकस: राज्य में शिक्षा और करियर पर अत्यधिक जोर है, विशेष रूप से महिलाओं के बीच।

    1. देर से शादी: करियर में व्यस्तता के कारण लोग देर से शादी कर रहे हैं, जिससे प्रजनन अवधि प्रभावित होती है।

    1. छोटे परिवार की प्राथमिकता: अधिकांश लोग आर्थिक और जीवनशैली कारणों से छोटा परिवार पसंद कर रहे हैं।

       

 

 

 

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