धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले अंतर्गत कतरास के छाताबाद में लगातार बढ़ रही भू-धंसान (Land Subsidence) की गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन, बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बाघमारा अंचल अधिकारी (CO) के नेतृत्व में अंचल सभागार में संपन्न हुई इस बैठक में प्रभावित परिवारों के त्वरित पुनर्वास और भू-धंसान वाले खतरनाक इलाके को सुरक्षित बनाने के उपायों पर घंटों गहन चर्चा हुई।
📢 बैठक में कई बार बिगड़ा माहौल: मांगों को लेकर आमने-सामने आए ग्रामीण और बीसीसीएल अधिकारी
बैठक के दौरान कई बार माहौल तनावपूर्ण हो गया। अपनी वाजिब मांगों को लेकर जहां एक तरफ ग्रामीणों और बीसीसीएल के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण आपस में ही पुनर्वास की प्राथमिकताओं को लेकर उलझते नजर आए।
हालांकि, घंटों चली इस मैराथन बैठक के बावजूद प्रभावित परिवारों को तत्काल कोई ठोस समाधान नहीं मिल सका, लेकिन जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन ने सुरक्षा का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया है।
🏡 “मौजूदा क्षेत्र में रहना अब जानलेवा”: ग्रामीणों ने उठाई आसपास ही सुरक्षित बसाने की मांग
बैठक में प्रभावित ग्रामीणों की सबसे प्रमुख मांग थी कि भू-धंसान से प्रभावित समूचे इलाके की वैज्ञानिक जांच कराई जाए और नीचे हुई पुरानी खदानों की खुदाई को अविलंब ओवर्बर्डन या मलबे से भरा जाए।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि मौजूदा छाताबाद में रहना सुरक्षित नहीं है, तो उन्हें बेलगड़िया भेजने के बजाय आसपास के ही किसी सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए, ताकि उनके दैनिक रोजगार और बच्चों की शिक्षा पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।
🔬 केवल छाताबाद नहीं, पूरे कोयलांचल में खतरा: IIT (ISM) धनबाद करेगा वैज्ञानिक जांच
बीसीसीएल एरिया-3 के महाप्रबंधक (GM) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि भू-धंसान का खतरा केवल छाताबाद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे धनबाद कोयलांचल क्षेत्र में कई स्थानों पर जमीन के भीतर की स्थिति अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है।
उन्होंने जानकारी दी कि इलाके की वास्तविक भू-गर्भीय स्थिति का वैज्ञानिक आकलन (Scientific Assessment) करने की जिम्मेदारी आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों को सौंपी गई है। आगामी 15 से 20 दिनों के भीतर संस्थान की विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जिसके आधार पर ही आगे की तकनीकी और सुरक्षात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
🏥 प्रभावितों के लिए ‘अटल क्लिनिक’ में राहत शिविर: शुक्रवार से शुरू होगा बीसीसीएल का विशेष सर्वे
बीसीसीएल महाप्रबंधक ने संवेदनशील इलाके में रह रहे परिवारों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के लिए सबसे पहले हर नागरिक की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है।
प्रभावित परिवारों के लिए स्थानीय अटल क्लिनिक में तात्कालिक राहत शिविर (Relief Camp) स्थापित किया गया है, जहां उनके रहने और भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही बीसीसीएल की एक विशेष सर्वे टीम प्रभावित इलाके का भौतिक सर्वे करेगी, ताकि जमीन की वास्तविक स्थिति और संभावित खतरे की तीव्रता का सटीक आकलन किया जा सके।
🛑 अवैध खनन है भू-धंसान की मुख्य वजह: बीसीसीएल ने कार्रवाई का दिया भरोसा
बैठक के दौरान बीसीसीएल प्रबंधन ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया कि क्षेत्र में संचालित अवैध कोयला खनन (Illegal Coal Mining) ही इस प्रकार के भू-धंसान और दरारों की मुख्य वजह है।
प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि सीआईएसएफ (CISF) और स्थानीय पुलिस के सहयोग से अवैध खनन के अड्डों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार छापेमारी और कड़ाई से कार्रवाई की जा रही है।
🏗️ बेलगड़िया में जेआरडीए के माध्यम से स्थायी पुनर्वास: अंचल अधिकारी ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास के प्रश्न पर बीसीसीएल महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA) के माध्यम से बेलगड़िया में लोगों को स्थायी रूप से बसाने की मास्टर प्लान योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
बैठक में मौजूद बाघमारा के अंचल अधिकारी ने भी प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन 24 घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल ग्रामीणों को आईआईटी (आईएसएम) की रिपोर्ट और आने वाले दिनों में बीसीसीएल की ठोस कार्रवाई का इंतजार है।


