Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • HBSE 10th 12th Board Exam 2027: हरियाणा बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, बिना लेट फीस के इस तारीख तक करें अप्लाई
    • नागपुर: म्हाडा परिसर में निर्माण स्थल पर हुआ भीषण क्रेन हादसा, क्रेन का हिस्सा टूटने से दो मजदूरों की गई जान और दो घायल
    • : आपसी रजामंदी से बने रिश्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ब्रेकअप के बाद रेप केस दर्ज करने पर सख्त टिप्पणी
    • Uttarakhand Helicopter Crash: बद्रीनाथ से लौट रहा हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास क्रैश, पायलट समेत 6 लोगों की दर्दनाक मौत
    • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन का अनोखा ‘जन महाभियोग’, खरगे के आवास पर तैयारी
    • मोहाली में 7 साल की मासूम के साथ शर्मनाक हरकत, दुकान से दूध लेने गई बच्ची के साथ खंडहर में दरिंदगी
    • जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों की बड़ी जीत, 18 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल; प्रशासन ने मानी सभी मांगें
    • मौलवी ने पहली पत्नी और बच्चों का सच छिपाकर मदरसे की छात्रा से की शादी, पुलिस स्टेशन में परिजनों के सामने किया जाने से इनकार
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Friday, October 30
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Ad
    Home » कार्तिक मास की शुरुआत और महत्व, जानिए इस पवित्र महीने में किन कथाओं और नियमों का करना चाहिए पालन

    कार्तिक मास की शुरुआत और महत्व, जानिए इस पवित्र महीने में किन कथाओं और नियमों का करना चाहिए पालन

    October 30, 2026 धार्मिक 2 Mins Read
    Kartik Maas 2026 Significance
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली: सनातन संस्कृति और पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास को साल के सबसे पवित्र, फलदायी और पुण्यदायी महीनों में शुमार किया जाता है। साल 2026 में कार्तिक मास का आरंभ 27 अक्टूबर से हो चुका है, जिसका समापन 24 नवंबर को होगा। यह संपूर्ण महीना जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की (Kartik Maas 2026 Significance) उपासना के लिए अत्यंत समर्पित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, इस पूरे कालखंड में विधि-विधान से पूजा-पाठ, व्रत, उपवास, पवित्र नदियों में स्नान और गुप्त दान करने से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और पुण्य की प्राप्ति होती है।

     Kartik Maas 2026 Significance – सनातन परंपराओं के मुताबिक, कार्तिक मास के दौरान रोजाना सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने और संध्याकाल में मुख्य द्वार व मंदिरों में दीपदान करने का विधान है। इस पूरे महीने में पवित्र तुलसी के पौधे और आंवले के वृक्ष की पूजा करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी के समक्ष और देवालयों में दीप प्रज्वलित करने से जीवन की सभी बाधाएं व अंधकार समाप्त होते हैं तथा घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

    खान-पान और दिनचर्या से जुड़े जरूरी नियम 

    कार्तिक महीने में खानपान और दैनिकचर्या से जुड़े कुछ कड़े नियमों का पालन करने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है। इस दौरान मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और अन्य सभी प्रकार के तामसिक भोजन का पूर्ण रूप से त्याग किया जाता है, जबकि आहार में आंवला और तिल का सेवन बेहद स्वास्थ्यवर्धक और शुभ माना जाता है। कई धर्मप्रेमी लोग इस पूरे मास जमीन पर शयन करने, ब्रह्मचर्य का पालन करने और अपने खानपान में संयम बरतने का संकल्प लेते हैं।

    प्रतिदिन करें कार्तिक महात्म्य और कार्तिक पुराण का पाठ 

    कार्तिक मास के दौरान प्रतिदिन कार्तिक महात्म्य यानी कार्तिक पुराण की कथा का श्रवण या पठन करना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस कथा में भगवान श्रीहरि की महिमा, कार्तिक स्नान के नियम, दीपदान के लाभ और तुलसी पूजन के महत्व का विस्तृत वर्णन मिलता है। कार्तिक महात्म्य के विभिन्न ग्रंथों में अध्यायों की संख्या 30 से 35 तक बताई गई है, जिसके तहत श्रद्धालु अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार हर रोज एक निश्चित अध्याय का पाठ करते हैं।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    करवा चौथ पर बना अद्भुत ज्योतिषीय संयोग, रोहिणी नक्षत्र और राजयोग से इन 6 राशियों की चमकेगी किस्मत

    1 नवंबर को रखा जाएगा अहोई अष्टमी का व्रत, संतान की लंबी उम्र के लिए ऐसे करें पूजा और विधान

    करवा चौथ के कलश और करवे में जल के अलावा क्या डालना चाहिए? जानें सही नियम और सामग्री लिस्ट

    Sharad Purnima 2026: आज मनाई जा रही है शरद पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और संपूर्ण पौराणिक व्रत कथा

    शरद पूर्णिमा पर ऐसे करें लड्डू गोपाल की आराधना, बरसेगी विशेष कृपा और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

    Shukra Pradosh Vrat : शिव-पार्वती की कृपा पाने का खास दिन, इन अचूक उपायों से मिलेगी सुख-समृद्धि

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.