बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्य की पांच प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं नागरिकों को मिलेगा, जिनके नाम मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में पंजीकृत हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के दौरान अपना नाम वोटर लिस्ट में जरूर चेक कर लें।

📋 सरकार की प्रमुख 5 गारंटी योजनाएं

राज्य सरकार द्वारा दी जा रही इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए अब वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाया जा रहा है:

  • गृह ज्योति: प्रत्येक घर को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली।

  • गृह लक्ष्मी: परिवार की महिला मुखिया को प्रतिमाह 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता।

  • अन्न भाग्य: BPL परिवारों के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 10 किलो मुफ्त चावल।

  • युवा निधि: बेरोजगार ग्रेजुएट्स को 3,000 रुपये और डिप्लोमा होल्डर्स को 1,500 रुपये की मासिक सहायता।

  • शक्ति: महिलाओं के लिए राज्य की गैर-लग्जरी सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा।

🔎 ऑडिट रिपोर्ट में मिली गड़बड़ी के बाद सख्ती

हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट पर चिंता जताई गई। रिपोर्ट में पाया गया कि ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के तहत लगभग 3 लाख किस्तों के माध्यम से करीब 60 करोड़ रुपये का भुगतान एक ही बैंक खाते में किया गया था। सीएम शिवकुमार ने उन मामलों का भी जिक्र किया जहाँ लाभार्थियों ने लोन चुकाने के लिए बैंक खाते बदल लिए थे। सरकार ने आश्वासन दिया है कि इन तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी वास्तविक हकदार लाभार्थी को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

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