भोपाल : मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में कार्यवाही के दौरान गृह विभाग से जुड़े दो मामलों को लेकर संसदीय कार्यमंत्री ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. पहला मामला इंदौर में सिटीजन एमेंडमेंट एक्ट के समर्थन (Kailash Vijayvargiya angry) में निकाली गई रैली पर दर्ज की गई एफआईआर को लेकर था.
इस मामले पर मंत्री का जवाब सुनकर कैलाश विजयवर्गीय ने गुस्से में कहा कि इस मामले में 80 साल के विक्रम वर्मा को थाने के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. गृह विभाग मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के पास है. उनकी जगह विधानसभा में राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल जवाब दे रहे थे.
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक नीना विक्रम वर्मा ने इंदौर में सिटीजन एमेण्डमेंट एक्ट के समर्थन में निकाली गई रैली पर दर्ज की गई एफआईआर को वापस लेने को लेकर सवाल पूछा. नीना वर्मा ने पिछले सत्र में भी इसको लेकर सवाल पूछा था.
उन्होंने कहा कि एफआईआर वापस लेने के मामले में बताया गया कि प्रकरण जिला समिति को भेजा गया है. समिति द्वारा अपनी अनुशंसा सहित क्या मामला शासन को भेज दिया गया है और इसमें देरी की क्या वजह है? उन्होंने कहा कि साल 2019 में कांग्रेस शासन के दौरान एफआईआर कराने वाला स्वयं आवेदन देकर प्रकरण वापस लेने की नीति बनाई गई थी, क्या उसे खत्म कर दिया गया है?
Kailash Vijayvargiya angry – राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि अभी तक इस मामले में कोर्ट में चालान प्रस्तुत नहीं किया गया है. चालान पेश होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. मंत्री का जवाब सुनकर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विषय सदन में दो बार आ चुका है. इस पर गंभीरता से विचार करके खत्म किया जाना चाहिए. इस मामले में तेजी लानी चाहिए.
