रांची: राजधानी रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में हुई भगदड़ की घटना के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा ने इस पूरे मामले के लिए जेएससीए प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव पर तत्काल FIR दर्ज करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
🚧 भीड़ प्रबंधन और तैयारी पर उठे गंभीर सवाल
भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने जेएससीए की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं:
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मैच के दौरान हजारों दर्शकों की भीड़ के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की मदद क्यों नहीं ली गई?
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स्टेडियम परिसर में मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था क्यों नदारद थी?
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क्या भीड़ प्रबंधन के लिए कोई प्रशिक्षित टीम बनाई गई थी, या पूरी व्यवस्था केवल ‘हवा’ में थी?
👮 SOP का उल्लंघन और लाठीचार्ज का आरोप
भाजपा का आरोप है कि बिना किसी SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के भीड़ को कुछ बाउंसरों और सीमित पुलिस बल के भरोसे छोड़ दिया गया था। हालात बिगड़ने पर लोगों की सुरक्षा करने के बजाय घायल और डरे हुए दर्शकों पर लाठीचार्ज किया गया, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी जेएससीए के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर संदेह पैदा करता है।
⚖️ भाजपा की प्रमुख मांगें
भाजपा ने इस मामले में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
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FIR और प्रशासनिक कार्रवाई: जेएससीए अध्यक्ष सहित आयोजकों पर तत्काल FIR दर्ज हो और उन्हें पद से हटाया जाए।
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आर्थिक मुआवजा: भगदड़ में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और इलाज का खर्च सरकार/जेएससीए उठाए।
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न्यायिक जांच: बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसे की तर्ज पर इस मामले की भी सीटिंग जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराई जाए।


