रांची : झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का विशाल आंदोलन अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को राज्य (BJP says withdraw support) सरकार और आंदोलनकारी छात्र प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, क्योंकि बैठक का औपचारिक समय और स्थान तय नहीं हो पाया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे पारदर्शी माहौल में सरकार से संवाद के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
6 प्रदर्शनकारी आमरण अनशन पर
राजधानी रांची स्थित ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनकारी छात्र पिछले 14 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला डगमगाया नहीं है। ‘JPSC-JSSC सुधार मंच’ के तत्वावधान में 25 जुलाई से शुरू हुआ यह प्रदर्शन हाल के वर्षों में राज्य का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन बनकर उभरा है। वर्तमान में 6 छात्र अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर हैं।
देर रात छात्रों के समर्थन में उतरे राहुल गांधी
इस व्यापक आंदोलन को देर रात उस समय बड़ा राजनीतिक संबल मिला, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्र प्रतिनिधियों से फोन पर सीधी बातचीत की। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं व मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि सरकारों को युवाओं की आवाज सुनकर शिक्षा व परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार करने चाहिए।
BJP says withdraw support
राहुल गांधी के इस वक्तव्य पर झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के समर्थन से ही हेमंत सोरेन सरकार चल रही है। यदि राहुल गांधी वास्तव में चिंतित हैं, तो उन्हें तत्काल सरकार से समर्थन वापस लेकर पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश करानी चाहिए।
