रांची (झारखंड): झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के द्वितीय दिवस छात्रों के राज्यव्यापी आंदोलन का विषय सदन के भीतर बुरी तरह छाया रहा। प्रश्नकाल प्रारंभ होते ही विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने जेपीएससी (JPSC) एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली व अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए हेमंत सोरेन सरकार को कटघरे में खड़ा किया। देखते ही देखते सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के मध्य तीखी नोकझोंक प्रारंभ हो गई, जिसके परिणामस्वरूप प्रश्नकाल की संपूर्ण कार्यवाही हंगामे की बलि चढ़ गई।

🏛️ “हाई कोर्ट की निगरानी में हो CBI जांच”: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाया छात्रों का मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अभ्यर्थियों के असंतोष का विषय गंभीरता से उठाते हुए रेखांकित किया कि झारखंड में आयोजित कई हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियां उजागर हुई हैं और छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने सभी विवादित परीक्षाओं की उच्च न्यायालय की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की पुरजोर मांग की। इस मांग को लेकर विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए सीधे वेल (Well) में आ पहुंचे और रिपोर्टिंग टेबल थपथपाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

📜 “अनुपूरक बजट पर चर्चा में रखें बात, सदन बाधित करना अनुचित”: संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर

विपक्ष के तीखे तेवरों पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलटवार करते हुए कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पूर्व में ही इस विषय पर विस्तृत चर्चा निष्पादित हो चुकी है, जिसमें स्वयं नेता प्रतिपक्ष उपस्थित थे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में यह तय हुआ था कि अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष अपने समस्त बिंदु रख सकता है और सरकार प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने हेतु तत्पर है; अतः सदन की कार्यवाही को निरंतर बाधित करने का विपक्ष को कोई नैतिक या संवैधानिक अधिकार नहीं है।

🤝 “अभ्यर्थियों से वार्ता कर निकाला जाएगा समाधान”: कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव

हंगामे के मध्य कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि जांच की विश्वसनीयता और निष्पक्षता हेतु सरकार पर विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।

उन्होंने संकेत दिए कि सरकार आंदोलनरत अभ्यर्थियों एवं छात्र प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत कर सर्वमान्य राह निकालने हेतु प्रतिबद्ध है।

🔥 “पूर्व JPSC परीक्षाओं में अपनों को बांटी गई नौकरियां”: मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का तीखा हमला

वहीं, कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए प्रथम एवं द्वितीय जेपीएससी परीक्षाओं के परिणामों का संदर्भ दिया।

उन्होंने विपक्ष की ओर संकेत करते हुए सवाल दागा कि विगत प्रशासनों के कार्यकाल में नियम विरुद्ध तरीके से किन-किन नेताओं के नाते-रिश्तेदार पदों पर आसीन हुए, जो आज भी सेवाएं दे रहे हैं। मंत्री के इस बयान के उपरांत सदन में दोनों पक्षों के बीच वाकयुद्ध और अधिक उग्र हो गया।

⚖️ विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सोमवार तक के लिए स्थगित की सदन की कार्यवाही

सदन में उत्पन्न निरंतर गतिरोध एवं बढ़ते हंगामे को नियंत्रित न होते देख विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।

इस प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और छात्रों की मांगों को लेकर सड़क से आरंभ हुआ जन-आंदोलन अब विधानसभा के पटल पर सरकार व विपक्ष के मध्य प्रचंड राजनीतिक टकराव का मुख्य केंद्र बन गया है।

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