राजस्थान में हुए निकाय चुनावों के परिणाम आ चुके हैं. परमाणु परीक्षण के लिए दुनियाभर में मशहूर पोखरण नगर पालिका के चुनाव नतीजों में जनता ने दिलचस्प मुकाबला पैदा कर दिया है. इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी बहुमत के आंकड़े से महज दो कदम दूर रह गई है. हालांकि चुनाव के दौरान कांग्रेस ने तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया था, जिनमें से 2 प्रत्याशी जीत चुके हैं. इसी आधार पर कांग्रेस दावा कर रही है कि (Rajasthan Nikay Chunav) ये निर्दलीय पार्षद पार्टी को ही समर्थन देंगे.
दो धर्मगुरुओं की प्रतिष्ठा दांव पर
कुर्सी से थोड़ा पीछे सिमटी बीजेपी भी हार मानने को तैयार नहीं है. बीजेपी को उम्मीद है कि कांग्रेस खेमे में तोड़फोड़ कर वह अपना चेयरमैन बना लेगी. इस राजनीतिक रस्साकशी में दो बड़े धर्मगुरुओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. एक तरफ कांग्रेस की ओर से सिंधी मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु व पूर्व कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी के पोखरण विधायक व तारातरा मठ के महंत प्रताप पुरी हैं. दोनों के लिए यह चुनाव साख का विषय बन चुका है.
जानिए क्या है पोखरण नगर पालिका का गणित
पोखरण नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं, जिनमें से कांग्रेस ने 22 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 3 पर निर्दलीयों का समर्थन किया था, जिनमें से 2 जीत गए हैं. वहीं, केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के दम पर उतरी बीजेपी सभी सीटों पर लड़ने के बावजूद 11 वार्डों पर ही सिमट गई. फिलहाल किसी भी दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं है, लेकिन (Rajasthan Nikay Chunav) निर्दलीयों का रुख ही यह तय करेगा कि स्थानीय सरकार किसकी बनेगी.
