रांची: यदि आप झारखंड के निवासी हैं और रोजगार या अन्य कारणों से राज्य या देश से बाहर रह रहे हैं, तो अब आपको अपनी वोटर लिस्ट से नाम कटने की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के दौरान प्रवासी मतदाता आसानी से अपनी मैपिंग करवा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनुसार, मतदाताओं को बस एक छोटी सी पहल करनी होगी ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सक्रिय बना रहे।

📞 मैपिंग और बीएलओ से संपर्क करने की प्रक्रिया

वोटर अपना नाम मैपिंग कराने के लिए अपने संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से फोन पर संपर्क कर अपनी डिटेल्स साझा कर सकते हैं। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ‘बुक कॉल’ की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बीएलओ स्वयं वोटर को फोन करेंगे। प्रवासी मजदूर गणना प्रपत्र (Enumeration Form) को भरकर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं या बीएलओ को व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेज सकते हैं। जो लोग विदेश में हैं, उन्हें गणना प्रपत्र के साथ ‘फार्म-6A’ भरकर जमा करना अनिवार्य होगा।

📊 73% मैपिंग पूरी: डोर-टू-डोर सत्यापन की तैयारी

वर्तमान में झारखंड में लगभग 73.25% मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 27% मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है। अनमैप्ड मतदाताओं की सूची प्रत्येक मतदान केंद्र पर चस्पा कर दी गई है। आगामी 30 जून से शुरू होने वाले ‘डोर-टू-डोर’ पुनरीक्षण से पहले आयोग इस कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

📢 प्रवासियों के लिए खास सुविधा: लाखों मजदूरों को मिलेगा लाभ

झारखंड से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और विदेशों में पलायन करने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या लाखों में है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह संख्या 16 लाख से अधिक है, जबकि प्रवासन सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 45 लाख तक आंका गया है। आयोग की यह पहल उन सभी प्रवासियों के लिए वरदान साबित होगी जो अपने मताधिकार का प्रयोग करने के प्रति जागरूक हैं। अब प्रवासी मतदाता न केवल अपना नाम बचा सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले चुनावों में अपने लोकतांत्रिक अधिकार का भी उपयोग कर पाएंगे।

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