रांची: झारखंड में आदिवासियों की समृद्ध संस्कृति, भाषा, भूमि, परंपरा और जीवनशैली को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की गई है। सोमवार को रांची के ऑड्रे हाउस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने “आदिनिवास” (Adinivaas) डिजिटल ऐप का विधिवत लोकार्पण किया। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य देशभर के आदिवासी समुदायों को एक डिजिटल सूत्र में पिरोना है। यह मंच न केवल संस्कृति के संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी प्रदान करेगा।

👨‍💻 नितिन कुजूर का नवाचार: जड़ों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता समाज

आदिनिवास ऐप को आदिवासी समाज के ही प्रतिभाशाली युवा नितिन कुजूर ने पूरी लगन और मेहनत से तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने नितिन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल और गैजेट्स के माध्यम से अपनी खूबियों और क्षमता को दुनिया तक पहुंचाना बेहद सरल है। यह ऐप समाज के युवाओं को अपनी सोच, क्रिएटिविटी और कला को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर देगा। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि बदलाव के इस दौर में हमें अपनी संस्कृति और सभ्यता को सहेजते हुए आधुनिकता के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ना होगा।

✈️ झारखंड के युवाओं के लिए बड़ा तोहफा: अब राज्य में मिलेगी मुफ्त पायलट ट्रेनिंग

डिजिटल ऐप के साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं के लिए एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब झारखंड के होनहार युवा अपने ही राज्य में कमर्शियल पायलट बनने का प्रशिक्षण ले सकेंगे। दुमका में राज्य सरकार द्वारा पायलट ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस केंद्र में प्रशिक्षण लेने वाले आदिवासी युवाओं को राज्य सरकार की ओर से सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल झारखंड के युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में सरकार का एक ठोस कदम है।

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