जांजगीर-चांपा: जिले के श्रम विभाग में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में लगातार गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं. जिला पंचायत उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता गगन जयपुरिया ने एक और फर्जीवाड़े का खुलासा किया है.
क्या है पूरा मामला
बताया गया कि बम्हनीडीह ब्लॉक के सरवानी गांव में एक महिला श्रमिक तिल बाई साहू की मृत्यु के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर योजना से 1 लाख रुपये निकाल लिए गए. आरोप है कि मृत्यु की तारीख में छेड़छाड़ कर गलत तरीके से योजना का लाभ लिया गया.
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
तिल बाई साहू का श्रमिक पंजीयन 15 मई 2025 को हुआ लेकिन उनकी वास्तविक मृत्यु 8 अगस्त 2025 को हो गई थी. योजना का लाभ पाने के लिए कम से कम 3 महीने का पंजीयन जरूरी होता है. ऐसे में आरोप है कि दलालों और अधिकारियों ने मिलकर मृत्यु तिथि बदलकर 13 अगस्त 2025 कर दी. इसके आधार पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर 1 लाख रुपये निकाल लिए गए.
श्रम विभाग के अधिकारी गांव-गांव में बिचौलियों के जरिए इस तरह के फर्जीवाड़े कर रहे हैं और शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं. मैंने सभी दस्तावेज कलेक्टर को सौंपे हैं और कार्रवाई की मांग की है.- गगन जयपुरिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष
पहले भी इस तरह की शिकायतें मिली हैं, एक मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी– जन्मेजय महोबे, कलेक्टर

सभी योजनाएं के जांच आदेश
लगातार शिकायत के बाद अब कलेक्टर ने पिछले 6 साल की सभी योजनाओं की जांच के आदेश दे दिए हैं. अगर पूरे मामले की गहराई से जांच होती है, तो कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

सवालों के घेरे में विभाग
- जब मृत्यु 8 अगस्त को हुई, तो तारीख क्यों बदली गई?
- बिना जांच के सहायता राशि कैसे जारी हुई?
- क्या इसमें अधिकारियों की मिलीभगत है?


