जबलपुर : इन दिनों खाड़ी में युद्ध चल रहा है और पनडुब्बी यानी सबमरीन की चर्चा होती है लेकिन जबलपुर में एक दूसरे ही किस्म की पनडुब्बी काम कर रही है. यह किसी युद्ध में तो काम नहीं (sand extracting submarine) करती ना किसी पर हमला करती लेकिन यह पनडुब्बी नर्मदा नदी से अवैध तरीके से रेत निकालती है. आपने सही सुना, ये जुगाड़ की है मशीन रेत माफियाओं ने बनाई है जो नर्मदा नदी की तलहटी को बर्बाद करने में सबसे बड़ा योगदान दे रही है.
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सरकार बालू या रेत का ठेका नीलाम करती है नदियों के किनारे घाट पर इकट्ठी होने वाली रेत को इस्तेमाल करने की अनुमति रहती है. लेकिन जब से जेसीबी जैसी बड़ी मशीन आ गई हैं तब से नदी के घाटों पर रेत पूरी तरह खत्म हो गई है. अब ऐसी हालत में बालू माफिया नदी के अंदर री रेतल निकालकर गुपचुप तरीके से बेच देते हैं, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है.
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sand extracting submarine – बालू बेचना सबसे सरल धंधा है और जैसे-जैसे इसकी कमी हो रही है यह धंधा और अधिक मुनाफे वाला हो गया है. जबलपुर में रेत माफिया को नदी के घाट पर रेट नहीं मिल रहे, तो वे नदी के अंदर की रेत निकालने के लिए नए-नए जुगाड़ लगाते रहते हैं. कुछ लोग नाव लेकर नदी के बीच में पहुंचते हैं और नदी में कम पानी वाली जगह पर मानव श्रम से रेत निकलवाते हैं, ये काफई कठिन काम होता है. लेकिन धीरे-धीरे इसकी जगह माफिया की मशीनों ने ले ली है.


