पटना टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 21896) में परोसे गए दही की गुणवत्ता को लेकर एक यात्री ने शिकायत दर्ज कराई थी. यह शिकायत 15 मार्च को की गई थी, जिसमें दही खराब होने का आरोप लगाया गया. मामले ने तूल पकड़ते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया.

IRCTC ने लिया सख्त एक्शन

इंडियन रेल कैटेरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए Amul को नोटिस जारी किया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही ट्रेन में कैटरिंग सेवा देने वाले लाइसेंसी (ठेकेदार) पर भारी जुर्माना लगाया गया है.

कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की तैयारी

IRCTC ने संबंधित कैटरिंग ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इसके अलावा उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो.

रेलवे ने भी दिखाई सख्ती

इस मामले में Indian Railways ने पहले ही कड़ा रुख अपनाया था. रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि कैटरिंग सेवा देने वाली कंपनी पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोका गया. साथ ही कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट को समाप्त करने के आदेश भी दिए गए.

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

रेलवे ने साफ किया है कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है. इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

खाने की गुणवत्ता पर बढ़ी निगरानी

इस घटना के बाद रेलवे और IRCTC ने ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता पर निगरानी और सख्त करने के संकेत दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

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