ईरान के सरकारी न्यूज चैनल ने रविवार रात ऐलान किया कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर चुन लिया है. मोजतबा खामेनेई अमेरिकी-इजराइली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं. मोजतबा का नाम लंबे समय से चर्चाओं में चल रहा था और कई मीडिया (Iran New Supreme Leader) आउटलेट ने सोर्स के हवाले से बता भी दिया था कि मोजतबा खामेनेई को ईरान का अगला सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है.
ईरान की ओर से जब सुप्रीम लीडर का ऐलान किया गया, तो ये पवित्र महीने रमजान का 19वां दिन था. इस्लामी तारीख के हिसाब से ये दिन बेहद अहम है. इस्लामी इतिहास में इसी दिन पैगंबर मोहम्मद के चचेरे भाई और दामाद हजरत अली पर जनलेवा हमला हुआ था. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा, “इस्लामी क्रांति के तीसरे सुप्रीम लीडर के तौर पर हिज़ एमिनेंस अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई के सही चुनाव पर बधाई, जो क़द्र की पहली मुबारक रात के साथ हुआ है.”
Iran New Supreme Leader – Night of Qadr या शब-ए-क़द्र, जिसे अरबी में लैलतुल क़द्र भी कहा जाता है, रमज़ान के महीने में सबसे पवित्र और खास रात है. इस रात मुसलमानों अल्लाह की इबादत कर उससे दुआं मांगते, कहा जाता है इस रात दुआं कबूल होती हैं. इसकी सिर्फ यहीं वजह नहीं दूसरी वजह हजरत अली की शहादत है.
इराक के कूफा शहर की एक मस्जिद में अब्दुर्रहमान इब्ने मुल्जिम नामक ख़ारिजी ने जहर से भरी तलवार से हजरत अली पर हमला किया था, जो 19 रमजान को फज्र की नमाज के दौरान सजदे में हुआ था. जख्म गंभीर होने के कारण हजरत अली दो दिन बाद 21 रमज़ान को शहीद हो गए. यह तारीख इस्लामी इतिहास में बहुत खास है और शिया मुसलमानों में इसे मातम और याद के साथ मनाते है. सुन्नी और शिया दोनों में हजरत अली को चौथा खलीफा (या पहला इमाम) माना जाता है.


