अमेरिकी राष्ट्र डोनाल्ड ट्रंप की लगातार ईरान पर हमले की धमकियों के बाद आज (28 फरवरी) को इजराइल-अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है. इजराइल की ओर से ईरान पर एयर स्ट्राइक की गई है, शुरुआती (Iran Israel world war) जानकारी के मुताबिक ईरान के परमाणु ठिकानों पर भी धामके की खबर है. उधर ईरान ने भी जवाब में मिसाइली छोड़ी हैं. माना जा रहा है कि अगर ये जंग न थमी तो बड़ा रूप ले लेगी. इस जंग का मिडिल ईस्ट के अलावा पूरी दुनिया पर असर नजर आएगा. भारत इस तनाव को लेकर अपना रुख साफ कर चुका है, अब नजर उसके 5 पक्के दोस्तों पर है.
1- अमेरिका इजराइल के साथ
ईरान-इजराइल जंग में सीधे तौर पर अमेरिका इजराइल के साथ खड़ा है, हालांकि अभी वह ईरान पर पूरी तरह सख्त इसलिए नहीं है क्योंकि ट्रंप ईरान के साथ न्यूक्लियर डील पर बातचीत कर रहे हैं, 7 दौर की बात हो भी चुकी है, आठवें दौर की बातचीत 15 जून को ओमान में प्रस्तावित थी, लेकिन अब ये अधर में अटक गई है, हालांकि अमेरिका ने ईरान से कहा है कि अभी भी वह बातचीत की टेबल पर वापसी कर सकता है.
2- सऊदी अरब ईरान के साथ मगर…
सऊदी अरब ने ईरान और इजराइल के बीच हालिया हुए तनाव और एक-दूसरे पर हमले को लेकर ईरान का साथ दिया है, हालांकि खुले तौर पर इजराइल का विरोध नहीं किया और संयम बरतने की अपील की है. ऐसे में यदि जंग आगे होती है तो ये सऊदी का रुख देखने वाला होगा कि वह ईरान का साथ देता है या नहीं.
3- रूस शांति का पक्षधर, मगर US से ठनी
भारत के दोस्तों में रूस भी शामिल है, जो फिलहाल ईरान का शांत दे रहा है, हालांकि पुतिन सरकार इस मसले में शांति समझौता कराना चाहती है. हालांकि अमेरिका पूरी तरह से इजराइल के पक्ष में है, इसलिए माना जा रहा है कि रूस ईरान का साथ दे सकता है, क्योंकि यूएस और रूस में भी आपस में ठनी है.
4- फ्रांस का न्यूट्रल रिएक्शन, झुकाव इजराइल की ओर
फ्रांस हालिया ईरान और इजराइल के तनाव के लिए दोनों देशों को जिम्मेदार मान रहा है, हालांकि उसका सुझाव इजराइल की तरफ है. फ्रांस सरकार ने ईरान से अपील की है कि वो तुरंत ही अमेरिका से बात कर मामले को सुलझाए. उधर इजराइल पर हमले के बाद ईरान ने फ्रांस को भी चेतावनी दी है, इससे माना जा रहा है कि अगर दोनों देशों में जंग के हालात बनते हैं तो फ्रांस इजराइल के साथ खड़ा नजर आएगा.
5- कतर इजराइल के विरोध में
मुस्लिम देश कतर ने ईरान के साथ तनाव के पीछे इजराइल को जिम्मेदार बताया है. हालांकि कतर की कोशिश है कि वह खुद को शांति के पक्ष में दिखाए, वो इसकी कवायद में भी जुटा हुआ है. अगर युद्ध आगे बढ़ता है तो देखना (Iran Israel world war) दिलचस्प होगा कि कतर ईरान का साथ देता है या सऊदी और अपने दोस्त भारत की की तरह न्यूट्रल रहता है.


