गर्मी बढ़ रही है, ऐसे में पानी की खपत में भी इजाफा होने लगा है. खासकर पैकेज्ड बॉटल की डिमांड तेज होने लगी है. मगर इस बार की गर्मी से ठीक पहले ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग छिड़ी हुई है जिसका असर अलग-अलग व्यापारों पर पड़ रहा है. पानी की बोतल से जुड़े उद्योग भी इसकी चपेट में नजर आ रहे हैं. भारत (prices of bottles may increase) में पैकेज्ड बॉटल पानी का बाजार करीब 5 अरब डॉलर का है, जिसपर जंग के असर की बात कही जा रही है. रॉयटर्स ने इस उद्योग से जुड़े लोगों के आधार पर लिखी गई अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि युद्ध की वजह से भारत में बोतलबंद पानी की कीमतें बढ़ सकती हैं.
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दरअसल, युद्ध की वजह से प्लास्टिक की बोतलों से लेकर लेबल और कार्डबोर्ड बॉक्स सहित कई अन्य चीजों के रेट बढ़ने की बात कही जा रही है. भारत दुनिया के सबसे बड़े बोतलबंद पानी के बाजार में से एक है, इसलिए अगर बोतलों की कीमतों में बदलाव होता है तो इसका बड़ा असर रिटेल मार्केट में भी देखने को मिल सकता है. हालांकि, अभी रिटेल मार्केट में किसी तरह का असर नहीं हुआ है.
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prices of bottles may increase – रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन का कहना कि तेल की बढ़ती कीमतों ने पॉलीमर की लागत बढ़ा दी है. पॉलीमर कच्चे तेल से बनता है और यह इस उद्योग में प्लास्टिक की बोतलें बनाने के लिए एक जरूरी सामग्री है. प्लास्टिक की बोतलें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत 50% बढ़कर 170 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि ढक्कनों की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा होकर 0.45 रुपये प्रति नग हो गई है.
